गर्भगृह में जबरन घुसे रुद्राक्ष शुक्ला, लाइव प्रसारण करना पड़ा बंद
उज्जैन। उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के गर्भगृह में जबरन प्रवेश का मामला सामने आया है। मंदिर समिति के कर्मचारियों ने आरोप लगाया गया है कि इंदौर से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रूद्राक्ष शुक्ला ने गर्भगृह में बिना अनुमति प्रवेश करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को धमकाया।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर विधानसभा क्रमांक-3 से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला की कांवड़ यात्रा रविवार यानी 20 जुलाई की रात उज्जैन पहुंची।सोमवार को करीब तड़के ढाई बजे बीजेपी विधायक महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उनके साथ बेटा रूद्राक्ष भी था। वे भस्मारती में शामिल होने के लिए मंदिर पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक मंदिर समिति के अधिकारियों ने कहा कि केवल गोलू शुक्ला को परमिशन दी गई है। बताया जा रहा है कि इसी दौरान रूद्राक्ष ने मंदिर के गर्भगृह में जाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें रोका। जब बीजेपी विधायक के बेटे को अंदर जाने नहीं मिला तो उन्होंने कर्मचारियों को धमकाया।
बीजेपी विधायक ने दी सफाई
बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने सफाई देते हुए कहा कि हमारे पास अनुमति थी। बिना अनुमति हम कोई काम नहीं कर रहे थे।महाकाल मंदिर समिति के ओर से प्रशासक और कलेक्टर ने 5 लोगों को परमिशन दी थी। उन्होंने आगे कहा कि ये समझ से बाहर है कि परमिशन के बाद भी क्यों रोका गया। भस्म आरती के समय राज्यपाल भी वहां थे लेकिन मेरी उनसे मेरी मुलाकात नहीं हुई।
देवास टेकरी के पट जबरन खुलवाए थे
इसी साल 15 अप्रैल को रूद्राक्ष शुक्ला ने देवास स्थित माता टेकरी के पट जबरन खुलवाने का दबाव बनाया था।पुजारी के मंदिर के पट ना खोलने पर मारपीट भी की गई थी। इस मामले में गोलू शुक्ला के बेटे समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके साथ ही रूद्राक्ष ने 4 साल पहले भी महाकाल मंदिर के गर्भगृह में जाकर दर्शन किए थे और फोटो क्लिक करवाई थी। इसे सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर अपलोड भी की थी।
गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित है
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में पुजारी के अलावा किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। वीआईपी भी नंदी की प्रतिमा के समीप से ही दर्शन कर सकते हैं। सुरक्षा कारणों के चलते ये फैसला लिया गया है।
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