नागपंचमी पर जबलपुर में वन विभाग की सख्त कार्रवाई: 17 सपेरों से 63 सांप रेस्क्यू, कोबरा और धामन प्रजाति प्रमुख
जबलपुर (संवाददाता विशेष): नागपंचमी के अवसर पर जबलपुर में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 सपेरों के कब्जे से कुल 63 सांपों को रेस्क्यू किया। यह अभियान जबलपुर रेंजर अपूर्व प्रखर शर्मा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित हुआ, जिसमें शहर के विभिन्न इलाकों से सांप बरामद किए गए। जिन सांपों को छुड़ाया गया, उनमें अधिकतर कोबरा और धामन प्रजाति के थे। सभी सांपों को वेटरनरी कॉलेज को सौंप दिया गया है, जहाँ उनकी जांच और देखभाल की जा रही है। सपेरे इन सांपों को गलियों और मोहल्लों में श्रद्धालुओं को नागदेवता के दर्शन के नाम पर दिखा रहे थे और पूजा करवा रहे थे।
सांपों को दूध पिलाना: परंपरा के नाम पर अत्याचार
रेस्क्यू के दौरान यह भी सामने आया कि सपेरे सांपों को श्रद्धा के नाम पर दूध पिला रहे थे, जो सांपों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सांपों को दूध देना उनके पाचन तंत्र के लिए घातक होता है और इससे उनकी मृत्यु तक हो सकती है।
शहरभर में तैनात रही फॉरेस्ट टीम
डीएफओ के निर्देश पर विशेष टीमें शहरभर में खासकर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर — तैनात रहीं, ताकि समय रहते सपेरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और सांपों को सुरक्षित किया जा सके।
जागरूकता का असर: घट रहा है सांपों का अवैध प्रदर्शन
वन विभाग और पर्यावरण प्रेमी संगठनों द्वारा लगातार चलाए जा रहे संयुक्त अभियानों के चलते नागपंचमी जैसे पर्वों पर सांपों का अवैध प्रदर्शन और दुर्व्यवहार पहले की तुलना में घटा है:
2023 में 150 सांपों को रेस्क्यू किया गया था
2024 में अब तक 65 सांपों को रेस्क्यू किया गया है
इस नागपंचमी पर 63 सांप पकड़े गए
रेस्क्यू टीम में शामिल रहे समर्पित सदस्य
रेस्क्यू अभियान में गुलाब सिंह (परिक्षेत्र सहायक), वन विभाग का स्टाफ, सर्पमित्र, और अन्य पर्यावरण प्रेमी कार्यकर्ता शामिल रहे। टीम ने पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।
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