जबलपुर: शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभा रही पुलिस इन दिनों चाकूबाजों के आगे बेबस नजर आ रही है। जुलाई और अगस्त 2025 के बीते दो महीनों में हुई आधा दर्जन से अधिक चाकूबाजी की गंभीर घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, मानो उन्होंने पुलिस की नाक में दम कर रखा हो।

जुलाई और अगस्त 2025: चाकूबाजी की घटनाओं का बोलबाला


बीते दो माह में शहर में चाकूबाजी की कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने नागरिकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। ये घटनाएं न सिर्फ संख्या में अधिक हैं, बल्कि उनकी प्रकृति भी गंभीर रही है, जिनमें लोग गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ मामलों में तो जान भी चली गई।

डॉक्टर पर जानलेवा हमला (31 जुलाई):

संजीवनी नगर में एक महिला डॉक्टर पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ। साड़ी पहनकर घर में घुसे एक आरोपी ने डॉक्टर पर एक के बाद एक कई वार किए। यह घटना पुलिस की गश्त और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

 

स्कूल परिसर में छात्र पर हमला (1 अगस्त):

अधारताल थाना क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल सिम्बायोसिस स्कूल में घुसकर एक छात्र पर चाकू से हमला किया गया। यह घटना बताती है कि अब अपराधी स्कूल जैसे सुरक्षित समझे जाने वाले परिसरों में भी घुसने से नहीं डर रहे हैं।

कटनी से घायल जबलपुर रेफर (28 जुलाई):

कटनी में चाकूबाजी की घटना में गंभीर रूप से घायल हुए एक युवक को इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया। यह घटना दर्शाती है कि आसपास के जिलों से भी चाकूबाजी के गंभीर मामले जबलपुर पहुँच रहे हैं।

लॉर्डगंज में वकील पर हमला (24 जुलाई):

लॉर्डगंज में वकील मनोज दोहरे और उनके बेटे पर हुए चाकूबाजी के हमले के बाद वकीलों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना ने शहर में सुरक्षित माहौल के दावों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।चाकू के साथ बदमाश गिरफ्तार (जुलाई): जुलाई माह में गोहलपुर और अगस्त में माढोताल में पुलिस ने अवैध चाइना चाकू और बटनदार चाकुओं के साथ कई युवकों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों से साफ है कि शहर में अवैध हथियारों की उपलब्धता धड़ल्ले से जारी है।


 जबलपुर में 5 लोगों पर चाकू से हमला, (2अगस्त)-   

आजाद नगर में रहने वाले मोहम्मद अकबर के घर पर क्षेत्र सलमान और अरमान मोबाइल चार्जिंग पर लगाने आए थे। लेकिन उसने मना कर दिया। जिस पर सलमान और अकबर की बहसबाजी हो गई। लेकिन आसपास के लोगों ने मामला शांत करा दिया। अकबर की बहन अरफाना अंसारी ने बताया कि सलमान और अरमान से जब विवाद हुआ तो हम थाने गये थे। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी

पुलिस पर उठते सवाल और जनता में भय


इन लगातार हो रही घटनाओं से यह सवाल उठ रहा है कि क्या जबलपुर पुलिस अपराधियों पर लगाम कसने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पा रही है? पुलिस की सक्रियता के बावजूद, चाकूबाजों का बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देना चिंताजनक है। नागरिकों में भय का माहौल है, क्योंकि अब घर से लेकर स्कूल तक और सार्वजनिक स्थानों पर भी चाकूबाजी की घटनाएं सामने आ रही हैं। यह स्थिति शहर की शांति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन इन घटनाओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा और शहर में कानून का राज स्थापित करने में सफल होगा।