सतना, मध्यप्रदेश: चित्रकूट में कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के आवास पर काम करने वाली 24 वर्षीय नौकरानी सुमन की आत्महत्या का मामला अब एक जटिल प्रेम त्रिकोण और हथियारों के लापरवाह रखरखाव के इर्द-गिर्द घूम रहा है। पुलिस ने अपनी गहन जांच के बाद इस मामले में दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं और एक राजनैतिक परिवार की सदस्य पर भी केस दर्ज किया है। मृतक सुमन के प्रेमी अरविंद उर्फ रज्जू यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर अपने लाइसेंसी हथियार को असुरक्षित तरीके से रखने के आरोप में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।


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लाइसेंसी रिवॉल्वर से आत्महत्या: आर्म्स एक्ट का फंदा

 

यह दुखद घटना 29 जुलाई 2025 को हुई जब नौकरानी सुमन ने पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के घर में मौजूद एक लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपनी कनपटी पर गोली मारकर जीवन लीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में यह हथियार अर्चना चतुर्वेदी के नाम पर पंजीकृत पाया गया। पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई कि रिवॉल्वर को घर में अत्यंत असुरक्षित तरीके से रखा गया था, जिससे किसी भी व्यक्ति, विशेषकर अप्रशिक्षित या मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति के लिए उस तक पहुंचना बेहद आसान था। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, चित्रकूट पुलिस ने अर्चना चतुर्वेदी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा लाइसेंसी हथियार को लापरवाही से रखने पर लागू होती है, जिससे किसी प्रकार का नुकसान हो सकता है। यह घटना राजनैतिक परिवारों में हथियारों के सुरक्षित रखरखाव के प्रोटोकॉल पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।


 

प्रेम त्रिकोण और बढ़ता मानसिक दबाव: आत्मघाती कदम की जड़

 

पुलिस जांच ने सुमन की आत्महत्या के पीछे एक जटिल प्रेम कहानी और मानसिक तनाव को उजागर किया है। जांच में पता चला कि सुमन का प्रेम संबंध अरविंद उर्फ रज्जू यादव से था। अरविंद, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला है और दास हनुमान गोशाला में काम करता था। इन दोनों के बीच नजदीकियां तब बढ़ीं जब सुमन का परिवार एक सब्जी की दुकान लगाता था और अरविंद अक्सर वहीं बैठा करता था।

जैसे ही सुमन की माँ को इस रिश्ते की भनक लगी, उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और सुमन की शादी कटनी निवासी एक अन्य युवक से तय कर दी। इस निर्णय ने सुमन और अरविंद के रिश्ते में भारी तनाव पैदा कर दिया। अरविंद लगातार सुमन से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और उस पर बातचीत जारी रखने का दबाव बनाने लगा। उसने दो बार सुमन को मोबाइल फोन भी दिए ताकि वे आपस में जुड़े रह सकें।

पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई को सुमन की माँ ने अरविंद द्वारा दिया गया दूसरा मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। इस घटना के बाद घर में ज़ोरदार विवाद हुआ, जिसने सुमन पर सामाजिक, पारिवारिक और भावनात्मक दबाव को कई गुना बढ़ा दिया। माँ की सख्ती, प्रेमी का लगातार दबाव और एक ऐसे विवाह की तयशुदा उलझनें, जिसे वह स्वीकार नहीं कर पा रही थी - इन सभी कारकों ने मिलकर सुमन को गहरे मानसिक तनाव में धकेल दिया। इसी अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर, सुमन ने अगले ही दिन खुद को गोली मारकर यह आत्मघाती कदम उठा लिया।


 

प्रेमी अरविंद गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया

 

पुलिस ने साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अरविंद की भूमिका को स्पष्ट रूप से स्थापित किया है। उसकी लगातार बातचीत, दबाव और सुमन की मानसिक स्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों को देखते हुए, चित्रकूट पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 107 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद, अरविंद को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।