पत्नी और प्रेमी की प्रताड़ना से तंग आकर पति ने दी जान, 19 साल का रिश्ता शर्मसार, पत्नी और प्रेमी सलाखों के पीछे
सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहाँ एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। 19 साल के वैवाहिक जीवन का अंत इतना दुखद होगा यह किसी ने नहीं सोचा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के ग्राम कोरिंगवा का है। जहा 46 वर्षीय शेषमणि विश्वकर्मा ने 6 जून, 2025 को फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। जांच में जो खुलासा हुआ वह रिश्तों को शर्मसार करने वाला है। शेषमणि की शादी लगभग 19 वर्ष पहले बाबूपुर निवासी क्रांति विश्वकर्मा से हुई थी।
पुलिस के अनुसार, क्रांति विश्वकर्मा का अपने ही बहनोई (जीजा) विजयकांत विश्वकर्मा के साथ अवैध प्रेम संबंध था। दोनों के बीच लगातार फोन पर बातें और मुलाकातें होती थीं।जिसका शेषमणि विरोध करते थे। इस बात को लेकर घर में अक्सर कलह होती थी। पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर शेषमणि को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
पत्नी और प्रेमी दोनों करते थे प्रताड़ित
हद तो तब हो गई जब मैहर देवी के दर्शन के दौरान क्रांति ने अपने पति से दो टूक कह दिया, "मैं विजयकांत के साथ ही रहना चाहती हूँ, तुम मर क्यों नहीं जाते।" प्रेमी विजयकांत भी शेषमणि को उनकी शारीरिक दिव्यांगता का ताना देते हुए "लंगड़ा" कहकर अपमानित करता था और कहता था, "यह मर क्यों नहीं जाता, हमें चैन से रहने नहीं दे रहा।"
मानसिक प्रताड़ना के चलते उठाया कदम
लगातार मिल रहे तानों और मानसिक दबाव के चलते शेषमणि विश्वकर्मा पूरी तरह से टूट गए और उन्होंने 6 जून को आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की।सतना एसपी आशुतोष गुप्ता के निर्देशन में, एएसपी प्रेमलाल कुर्वे और डीएसपी मनोज दीक्षित के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने पाया कि क्रांति और विजयकांत ने शेषमणि को आत्महत्या के लिए उकसाया था।
दोनों पहुचे सलाखों के पीछे
पुलिस ने दोनों आरोपियों, पत्नी क्रांति विश्वकर्मा और प्रेमी विजयकांत विश्वकर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
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