जबलपुर, मध्य प्रदेश: जबलपुर-भेड़ाघाट मार्ग पर शनिवार देर रात एक दर्दनाक और शर्मनाक घटना सामने आई। बेंगलुरु से रायपुर होते हुए चंडीगढ़ जा रहा सेब से भरा एक ट्रक मीरगंज के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। यह हादसा तब हुआ जब चालक ने सड़क पर अचानक आई एक गाय को बचाने के लिए आपातकालीन ब्रेक लगाया। ट्रक के पलटते ही मौके पर पहुंची ग्रामीणों की भीड़ ने मानवीयता को ताक पर रखते हुए घायल ड्राइवर और कंडक्टर की मदद करने के बजाय, ट्रक में लदे लाखों के सेब लूटने शुरू कर दिए।


 

दुर्घटना का विवरण: कैसे हुआ हादसा?

 

जानकारी के अनुसार, यह मालवाहक ट्रक बेंगलुरु से ताजे सेब की पेटियां लेकर चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ था। शनिवार देर रात जब ट्रक जबलपुर के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत मीरगंज गांव के पास से गुजर रहा था, तभी अचानक एक गाय सड़क पार करने लगी। गाय को बचाने की कोशिश में ट्रक चालक ने बिना समय गंवाए तेज रफ्तार ट्रक के ब्रेक लगा दिए। अचानक लगे ब्रेक और तेज गति के कारण ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। पलटने की जोरदार आवाज इतनी भीषण थी कि आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।


 

मानवीयता शर्मसार: मदद की बजाय लूट

 

ट्रक पलटने के बाद जो दृश्य सामने आया, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक था। घटनास्थल पर जमा हुई भीड़ ने घायल और दर्द से कराह रहे ड्राइवर और कंडक्टर को बचाने या उन्हें प्राथमिक उपचार देने की बजाय, ट्रक में लदी सेब की पेटियों पर धावा बोल दिया। देखते ही देखते, लोग एक-एक करके सेब की पेटियां उठाकर अपने घरों की ओर भागने लगे। कुछ लोग तो बोरियों और अन्य साधनों में भरकर बड़ी मात्रा में सेब ले जाते देखे गए। मानवीय मदद की इस अनदेखी ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या तत्काल लाभ की प्रवृत्ति इतनी हावी हो चुकी है कि लोग घायल व्यक्तियों की जान को भी खतरे में डाल देते हैं।


 

पुलिस का हस्तक्षेप: स्थिति पर पाया काबू

 

इस अराजक स्थिति की जानकारी कुछ जिम्मेदार नागरिकों ने तत्काल भेड़ाघाट थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कमलेश चौराया अपनी टीम के साथ बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बलपूर्वक भीड़ को हटाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। कड़ी मशक्कत के बाद ही पुलिस भीड़ को हटाने और ट्रक के पास से लोगों को दूर करने में सफल रही। इसके बाद, घायल ड्राइवर और कंडक्टर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।