कांवड़ न्याय तुला है, एक पात्र में न्याय का नीर और दूसरे पात्र में करुणा का नीर
अधिवक्ताओं ने की महादेव से प्रार्थना - न्यायधानी जबलपुर में नर्मदा सा निर्मल न्याय बहता रहे
न्याय केवल  नियमावली नहीं, सभ्यता का सतत अभिषेक है। काँवड़ उस अभिषेक का कलश है।
जबलपुर। न्याय जगत के सशक्त हस्ताक्षर, मूर्धन्य विधिवेत्ता ब्रह्मलीन आदर्श मुनि त्रिवेदी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने , शिव भक्ति  तथा न्यायधानी जबलपुर की जीवन दायिनी  माँ नर्मदा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने  अधिवक्ताओं द्वारा एक विशाल 'न्याय काँवड़ यात्रा' का आयोजन किया  गया। यह यात्रा 'स्मृति के सुमन: न्याय काँवड़ यात्रा' के नाम से आयोजित की गई थी, जिसमें न्याय जगत की प्रमुख हस्तियां, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुओं ने इस विशाल कांवड़ यात्रा में भाग लिया।

न्याय और धर्म के संगम को समर्पित इस ऐतिहासिक "न्याय काँवड़ यात्रा" का य शुभारंभ  पुण्य सलिला माँ नर्मदा के तिलवारा घाट से हुआ। इस यात्रा में अधिवक्ताओं पावन नर्मदा जल को काँवड़ में लेकर आदि शंकराचार्य के गुरु श्री गोविंदपाद द्वारा प्रतिष्ठित और पूजित श्री चिंतामणि नर्मदेश्वर महादेव मंदिर तक पदयात्रा किया इस न्याय यात्रा का नेतृत्व परम तपस्वी ब्रह्मचारी शाश्वतानंद जी ने किया । यात्रा का उद्देश्य यह भी है कि नर्मदा के जल से नर्मदेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर यह प्रार्थना की कि प्रदेश की न्यायधानी जबलपुर में न्याय की धारा माँ नर्मदा के जल की तरह हमेशा निर्बाध रूप से बहती रहे


कांवड़ न्याय की तुला के समान और अधिवक्ता न्याय के चिर काँवड़िए : स्वामी शाश्वतानंद 
काँवड़ केवल बाँस की डंडी पर टँगा पात्र नहीं हैं । वह न्याय-तुला का प्रतीक है। जिस संयम से काँवड़िया जल की बूँद नहीं गिरने देता, वही संतुलन न्यायप्रक्रिया की आत्मा है। अधिवक्ता इसी संतुलन के सनातनी काँवड़िए हैं।  अधिवक्ता शिव के उन भक्तों की परंपरा में खड़े हैं जो शिवलिंग पर जलाभिषेक  चढ़ाते हैं। किंतु इनकी पूजा-पद्धति भिन्न है: ये तर्कों के निर्मल जल से न्याय-शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। विधि का इस  यज्ञ वेदी पर घी की आहुति नहीं, वाणी की अग्नि में सत्य का संधान होता है।
           आयोजकों के अनुसार इसी यज्ञभूमि में ब्रह्मलीन आदर्श मुनि त्रिवेदी की स्मृति प्रतिष्ठित है। वे विधिवेत्ता नहीं, न्याय-साधना के ऋषि थे—जिनने न्याय जगत के प्रति अविस्मरणीय योगदान दिया । न्याय काँवड़ यात्रा उन्हीं के प्रति "स्मृति के सुमन" है। अधिवक्ताओं ने भगवान शिव से प्रार्थना हेतु कि जबलपुर की न्यायधानी में  नर्मदा की धारा-सा निर्मल, अविरल न्याय प्रवाहित रहे।  इस अवसर पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन, उपाध्यक्ष प्रशांत अवस्थी, अधिवक्तागण असीम त्रिवेदी, सुशील कुमार तिवारी, प्रवीर पाल, पंकज तिवारी, शशांक शुक्ल, प्रशांत तिवारी ,शैलेश पाठक,  सी एम तिवारी, आशीष कुमार तिवारी, विनीत टेहेनगुनिया, रीतेश शर्मा, गुलाब सिंह, आशीष यादव, अनुपम भट्ट, अमित स्थापक, संदीप दुबे, सरदार सुरजीत सिंह,  ओम प्रकाश गुरुनानी , बी आर विजयवार , सुरेन्द्र तिवारी, विपुल वर्धन जैन, नरेंद्र नाथ त्रिपाठी, वैभव पाठक , सुरेश मालवीय, सतीश पाठक ,शिवा प्यासी, शिवम् प्यासी,नीति अवस्थी , शक्ति त्रिवेदी , श्यामा रैकवार , अशोक  गोस्वामी, नितिन शुक्ला , संजय पाठक , पवित्रा पाठक आदि सम्मिलित थे।