जबलपुर, मध्य प्रदेश: वाहन निर्माणी को-ऑपरेटिव सोसाइटी में महत्वपूर्ण दस्तावेजों की चोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोसाइटी के वर्तमान अध्यक्ष अंबरीश कुमार सिंह ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 306 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना 9 अक्टूबर, 2024 को शाम लगभग 5:30 बजे की है। शिकायत में अंबरीश कुमार सिंह ने बताया कि वे वर्तमान में वाहन निर्माणी को-ऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष हैं और संचालक मंडल के साथ मिलकर सोसाइटी का संचालन करते हैं। सोसाइटी में अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होते हैं, जो सभी वाहन निर्माणी के कर्मचारी और अंशधारी सदस्य होते हैं।

शिकायत के मुताबिक, अस्थायी कर्मचारी श्रीमती प्रीति यादव, श्रीमती सरस्वती कोल, सागर पटेल और सज्जन कुमार निर्माणी कर्मचारियों की नियमित निकासी प्रक्रिया के दौरान गेट नंबर 01 पर मौजूद थे। सुरक्षा विभाग के द्वारपालों द्वारा की गई नियमित जांच प्रक्रिया के तहत इन कर्मचारियों की तलाशी ली गई।

सुरक्षा विभाग की जांच में श्रीमती प्रीति यादव के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए, जिनमें वाहन निर्माणी के कर्मचारियों के खाते की 8 कट लिस्ट बुक, 2 डेली पेमेंट रजिस्टर बुक, और 2 डेली पेमेंट वाउचर एवं लोन फंड बुक शामिल हैं। आरोप है कि प्रीति यादव इन दस्तावेजों को चोरी कर अवैध रूप से निर्माणी से बाहर ले जा रही थीं।

जांच के दौरान, प्रीति यादव, सरस्वती कोल, सागर पटेल और सज्जन कुमार ने जांच का विरोध किया और काफी देर तक निर्माणी से बाहर नहीं जा रहे थे। सुरक्षा विभाग द्वारा उन्हें जबरन बाहर निकाला गया और जब्तशुदा सामग्री का पंचनामा कर उसे सीलबंद किया गया। इस संबंध में सुरक्षा अधिकारी अब्दुल रशीद अंसारी ने भी लिखित रिकॉर्ड दर्ज किया था।

सोसाइटी अध्यक्ष ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि इससे पहले भी वाहन निर्माणी को-ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा किए गए कार्य हमेशा से ही विधि विरुद्ध रहे हैं, जिनकी जांच आज तक चल रही है। इन अनियमितताओं में श्रीमती प्रीति यादव और अन्य व्यक्तियों की अहम भूमिका बताई गई है, और संबंधित जांच की प्रतियां भी शिकायतकर्ता के पास उपलब्ध होने का दावा किया गया है।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि 7 अक्टूबर, 2024 और 27 सितंबर, 2024 को प्रीति यादव और अन्य को सुरक्षा विभाग द्वारा अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने न तो बयान दर्ज कराए और न ही आज तक कोई पत्राचार किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनके खिलाफ चल रही पिछली जांचें उनके कृत्यों का समर्थन करती हैं।

वर्तमान अध्यक्ष अंबरीश कुमार सिंह ने शिकायत में यह भी बताया कि 21 अगस्त, 2024 को प्रीति यादव के पिता राजकुमार यादव द्वारा उन्हें और उनके सहयोगी कर्मचारियों अखिलेश सिंह तथा नितेश सिंह को फोन के माध्यम से जान से मारने और गला काट देने की धमकी दी गई थी, जिसकी शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

शिकायतकर्ता ने जोर देकर कहा कि यह कृत्य सरकारी दस्तावेजों की चोरी का है, जो सरकारी माध्यम से चलने वाली सोसाइटी को भारी क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया है। यह सोसाइटी निर्माणी अधिकारियों के अंशदान को सुरक्षित रखने का कार्य करती है।

जांच के दौरान अंबरीश कुमार सिंह, सुरक्षा विभाग के अब्दुल रशीद अंसारी, द्वारपाल संतोष कुमार चक्रवर्ती, महेश कुमार दाहिया, तथा प्रीति यादव, सागर पटेल, सरस्वती कोल, और सज्जन कुमार के बयान दर्ज किए गए।

जांच में पाया गया कि प्रीति यादव, सरस्वती कोल, सागर पटेल और सज्जन कुमार 9 अक्टूबर, 2024 को वाहन निर्माणी को-ऑपरेटिव सोसाइटी में निजी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे, और उस दिन वे बिना अनुमति के सोसाइटी के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर वाहन निर्माणी से बाहर ले जा रहे थे। वाहन निर्माणी के गेट नंबर 01 पर शाम 5:30 बजे की नियमित निकासी जांच प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा विभाग द्वारा सभी दस्तावेज जब्त कर लिए गए।