जबलपुर में लोन के नाम पर बड़ा धोखाधड़ी रैकेट: आधार, पैन और OTP का दुरुपयोग कर लाखों के TV-AC फाइनेंस कर बेचे
जबलपुर,लोन दिलाने के नाम पर एक बड़े धोखाधड़ी रैकेट का खुलासा हुआ है। रांझी थाना क्षेत्र में अनिल जाटव नामक एक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने जरूरतमंद लोगों को पर्सनल लोन का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल पर आए OTP का इस्तेमाल कर लाखों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान, जैसे LED TV और AC फाइनेंस करवाए और फिर उन्हें बाजार में बेचकर हड़प लिया। इस धोखाधड़ी के कारण कई पीड़ितों का सिविल स्कोर खराब हो गया है।
कैसे फंसाया गया निशा पासी को?
रांझी निवासी 34 वर्षीय निशा पासी (ग्राम घाना खमरिया) ने इस धोखाधड़ी का पहला खुलासा किया। निशा को निजी लोन की आवश्यकता थी और उन्हें छोटू उर्फ सोनू राज माहोती से पता चला कि अनिल जाटव लोन फाइनेंस करवाता है। निशा ने अनिल से संपर्क किया और 8 मई, 2025 को अपने पति अनिल पासी के साथ नारंग इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम, रांझी पहुंचीं।
वहाँ अनिल जाटव (निवासी भातलैया खेरमाई) ने निशा से 30,000 रुपये के पर्सनल लोन के लिए बातचीत की। लोन प्रक्रिया के नाम पर, अनिल ने निशा से उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटो अपने मोबाइल से ले ली। इतना ही नहीं, उसने निशा के मोबाइल फोन पर आया OTP (वन टाइम पासवर्ड) भी ले लिया, यह कहकर कि यह सिविल स्कोर चेक करने के लिए आवश्यक है। अनिल ने निशा को बताया कि उनका सिविल स्कोर ठीक है और 3-4 दिन में बताएगा कि उन्हें कितना लोन मिल पाएगा।
धोखाधड़ी का खुलासा: बैंक से आया EMI का कॉल
तीन-चार दिन बाद जब निशा ने अनिल से लोन के बारे में पूछा तो उसने लोन होने से साफ मना कर दिया। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन 3 जुलाई, 2025 को निशा के पास आईडीएफसी फाइनेंस बैंक से एक फोन आया। बैंक अधिकारी ने बताया कि उनके नाम पर लिए गए लोन की EMI (मासिक किस्त) नहीं भरी जा रही है। यह सुनकर निशा हैरान रह गईं, क्योंकि उन्होंने किसी भी तरह का कोई लोन नहीं लिया था।
बैंक से विस्तृत जानकारी लेने पर निशा को पता चला कि अनिल जाटव ने नारंग इलेक्ट्रॉनिक्स से उनके नाम पर 37,909 रुपये की एक LED TV फाइनेंस करवा ली थी, जिसका भुगतान नहीं हो रहा था।
अनिल जाटव का बड़ा रैकेट: कई और लोग बने शिकार
जांच करने पर निशा को यह जानकर और भी झटका लगा कि अनिल जाटव ने सिर्फ उनके साथ ही नहीं, बल्कि कई अन्य भोले-भाले लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है। सामने आए मामलों के अनुसार, अनिल ने:
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रिंकू हलधर के नाम पर 36,489 रुपये की LED TV
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प्रिया विश्वकर्मा के नाम पर 48,063 रुपये की LED TV
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राजेश रजक के नाम पर 30,000 रुपये की LED TV
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रोहिणी आरखेल के नाम पर 36,000 रुपये का AC
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सीमा रजक के नाम पर 36,000 रुपये का AC
और ऐसे ही कई अन्य लोगों के नाम पर इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करवाए। आरोप है कि अनिल जाटव लोन दिलाने और सिविल चेक करने के बहाने आधार कार्ड, पैन कार्ड और OTP लेकर लोगों को झांसे में फंसाता था। एक बार सामान फाइनेंस होने के बाद, वह उसे बाजार में बेचकर पैसों को हड़प लेता था।
पीड़ितों का खराब हुआ सिविल स्कोर, भविष्य पर असर
इस धोखाधड़ी का सबसे गंभीर परिणाम यह हुआ है कि बैंक लोन की किश्तें न भरे जाने के कारण निशा पासी और अन्य सभी पीड़ितों का सिविल (CIBIL) स्कोर बुरी तरह खराब हो गया है। एक बार सिविल स्कोर खराब हो जाने पर, भविष्य में किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान से लोन लेना या क्रेडिट कार्ड प्राप्त करना लगभग असंभव हो जाता है, जिससे इन पीड़ितों के आर्थिक भविष्य पर गंभीर संकट आ गया है।रांझी पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी अनिल जाटव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और मामले की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।
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