विदिशा, मौत का कोई भरोसा नहीं होता, वह कभी भी, कहीं भी और किसी भी वक्त आ सकती है – यह कहावत विदिशा जिले के ग्राम सोंठिया में एक बार फिर दुखद रूप से सच साबित हुई। यहाँ 40 वर्षीय सरदार सिंह यादव की अचानक और अप्रत्याशित मौत ने पूरे परिवार और गाँव को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक स्वस्थ और तंदुरुस्त व्यक्ति का सुबह चाय पीते-पीते अचानक दम तोड़ देना, देश में साइलेंट हार्ट अटैक के बढ़ते और चिंताजनक खतरों की ओर इशारा करता है।


 

सुबह की चाय बनी काल: अचानक गिरे, अस्पताल पहुँचते ही मृत घोषित

 

जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना शुक्रवार सुबह की है। ग्राम सोंठिया निवासी 40 वर्षीय सरदार सिंह यादव अपने घर में आराम से चाय पी रहे थे। परिजनों ने बताया कि वह बिल्कुल सामान्य लग रहे थे, लेकिन चाय पीते-पीते अचानक ही वह गिर पड़े। यह देखकर परिवार वाले सकते में आ गए और बिना एक पल भी गंवाए, उन्हें तुरंत पास के अस्पताल लेकर पहुंचे, इस उम्मीद में कि शायद उन्हें बचाया जा सके।

हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने सरदार सिंह का गहन परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।


 

भाई ने बताया 'पहला अटैक', चिकित्सकों को साइलेंट अटैक की आशंका

 

सरदार सिंह के भाई ने बताया कि उन्हें आया यह पहला हार्ट अटैक था और इसी में उनकी जान चली गई। परिवार के सदस्यों और करीबियों की मानें तो मृतक सरदार सिंह को पहले से किसी प्रकार की कोई ज्ञात बीमारी नहीं थी। वे एकदम स्वस्थ और तंदुरुस्त थे, और उनकी दिनचर्या में ऐसा कुछ भी असामान्य नहीं था जिससे उनकी सेहत को लेकर कोई चिंता होती। वह नियमित रूप से अपने काम करते थे और फिट दिखते थे।

अचानक हुई इस असामयिक मौत को देखते हुए, चिकित्सकों और परिजनों ने साइलेंट अटैक (Silent Attack) की प्रबल आशंका जताई है। साइलेंट अटैक, जिसे 'साइलेंट मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन' भी कहा जाता है, एक ऐसा दिल का दौरा होता है जिसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं या कई बार बिल्कुल भी महसूस नहीं होते। व्यक्ति को यह पता ही नहीं चलता कि उसे हार्ट अटैक आ रहा है, जिससे तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिलने का अवसर समाप्त हो जाता है।


 

परिवार स्तब्ध, पीएम रिपोर्ट का इंतजार: जागरूकता की बढ़ी जरूरत

 

सरदार सिंह की अचानक हुई इस मौत से उनके परिजन, मित्र और पूरा गाँव सदमे में है। किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा कि एक हँसता-खेलता, स्वस्थ व्यक्ति पल भर में कैसे दुनिया छोड़ गया। मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।