शहडोल में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: जंगली सुअर का करंट लगाकर शिकार करने वाला रंगे हाथों पकड़ा गया, भारी मात्रा में मांस जब्त
शहडोल, मध्य प्रदेश:
शहडोल वन वृत्त के वन संरक्षक श्री आर. के. राय (भा.व.से.) के निर्देशन और वनमण्डलाधिकारी दक्षिण शहडोल सुश्री श्रद्धा पन्द्रे (भा.व.से.) व उप वनमण्डलाधिकारी सोहागपुर/जैतपुर श्री विनोद जाखड़ के कुशल मार्गदर्शन में वन विभाग ने जंगली सुअर का करंट लगाकर शिकार करने वाले एक आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में सुअर का मांस और शिकार में इस्तेमाल किए गए औजार जब्त किए गए हैं।
बिजली ट्रिप होने से हुआ संदेह, मुखबिर की सूचना ने दिया अहम सुराग
घटना दिनांक 2 अगस्त, 2025 की सुबह लगभग 10:30 बजे की है। बीटगार्ड सोनटोला श्री बाबूलाल महरा अपनी मानसून गश्ती के दौरान कक्ष क्रमांक पी.एफ 714 के वैरपानी नामक स्थल के पास थे। तभी उन्हें एक मुखबिर द्वारा मौखिक सूचना मिली कि उनके गाँव की बिजली रात में दो-तीन बार ट्रिप हुई थी, जिससे उन्हें संदेह हुआ कि किसी व्यक्ति ने करंट फैलाकर शिकार किया है।
मुखबिर की इस महत्वपूर्ण सूचना और बिजली ट्रिप होने की जानकारी के आधार पर बीटगार्ड सोनटोला ने तत्काल पतासाजी शुरू की और ग्राम हर्रहाटोला निवासी चरकू बैगा पिता बाबूलाल बैगा के घर के पास पहुँचे। चरकू के घर के पास पहुँचते ही उसके पाले हुए कुत्ते जोर-जोर से भौंकने लगे। बीटगार्ड ने आवाज लगाई "चरकू-चरकू", जिस पर चरकू अपने घर के बाहर आँगन में आया।
आलू की सब्जी में छुपा था सुअर का मांस, चरकू ने कबूला जुर्म
बीटगार्ड ने चरकू से पूछताछ की, तो उसने पहले तो शिकार से संबंधित किसी भी जानकारी से इनकार कर दिया। संदेह गहराने पर बीटगार्ड ने उससे पूछा कि उसके घर में सब्जी क्या बनी है। चरकू ने जवाब दिया कि आलू की सब्जी बनी है। बीटगार्ड ने जब वह सब्जी मंगाकर देखी, तो पता चला कि वह आलू की सब्जी नहीं, बल्कि किसी मांस की सब्जी थी।
पुनः पूछने पर चरकू ने बताया कि वह मुर्गे की सब्जी है। लेकिन बीटगार्ड को अभी भी संदेह था, और उन्होंने कड़ाई से पूछताछ की। तब जाकर चरकू ने कबूल किया कि वह जंगली सुअर के मांस की सब्जी है। उसने आगे बताया कि उसने जंगली सुअर को करंट लगाकर मारा था और उसके मांस को काटकर अपने घर में छिपा कर रखा है।
घर से भारी मात्रा में मांस और शिकार के औजार जब्त
चरकू के कबूलनामे के बाद, बीटगार्ड ने उसके घर में बनी खिड़की से अंदर झाँका, तो देखा कि साड़ी के कपड़े से ढककर एक प्लास्टिक की तगाड़ी में कुछ सामग्री रखी है, और किनारे से सुअर का कटा हुआ सिर भी दिखाई दे रहा है। बीटगार्ड ने चरकू से घर का दरवाजा खोलने को कहा। चरकू ने बताया कि दरवाजे पर ताला लगा है और चाबी उसकी माँ लेकर गाँव के निवासी अकाली केवट के खेत में रोपा लगाने गई है।
तत्काल इस सूचना से वन परिक्षेत्र सहायक गोहपारू एवं परिक्षेत्र अधिकारी गोहपारू को अवगत कराया गया। परिक्षेत्र सहायक और परिक्षेत्र अधिकारी गोहपारू भी तुरंत मौके पर पहुँचे। इसके बाद, डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया। टीम के पहुँचने पर दरवाजा खुलवाया गया और घर के अंदर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान, घर से दो तगाड़ी में कटा हुआ ताजा सुअर का मांस, सुअर का सिर, उसके चारों पैरों के नीचे का हिस्सा, खाल, एक बेत लगी कुल्हाड़ी, हँसिया, गड़ासा, तराजू, 1 किलोग्राम और 500 ग्राम के बाट (प्रत्येक एक-एक) जब्त किए गए। मांस और खाल के नीचे दबा हुआ एक लकड़ी का टुकड़ा भी मिला, जिसे साड़ी के कपड़े से ढका गया था।
चरकू से आगे की पूछताछ में उसकी रैक में टंगी बोरी में रखी लकड़ी की चोटिया, जी.आई. तार की गड्डी, केबल वायर और एक बांस की डगनी (जिसके ऊपरी छोर पर खैर की लकड़ी जी.आई. तार से बंधी हुई थी) भी मिली, जिसे शिकार में इस्तेमाल किया गया था। इन सभी सामग्रियों को भी जब्त कर लिया गया।
वन विभाग की टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्यवाही में वन परिक्षेत्र अधिकारी गोहपारू श्री हेमन्त प्रजापति, परिक्षेत्र सहायक गोहपारू श्री लेखन मौर्य, बीटगार्ड सोनटोला श्री बाबूलाल महरा, बीटगार्ड बुढ़नवाह श्री रणदमन सिंह, बीटगार्ड सकरिया श्री हीरालाल पनिका, बीटगार्ड चंदेला श्री राजू भूमिया, डॉग हैंडलर श्री रामकमल पयासी, श्री राजकुमार त्रिपाठी और अन्य की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। वन विभाग की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से वन्यजीवों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
कूनो नेशनल पार्क-चीतों का नया घर ही नहीं, अब सफल ग्लोबल ब्रीडिंग सेंटर
मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई
“सेवा निवृत्ति के बाद भी सेवा का जज़्बा हमेशा जीवित रहता है” — डीजीपी कैलाश मकवाणा
कलपक्कम रिएक्टर: भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा का नया मील का पत्थर