सुप्रीम कोर्ट में OBC आरक्षण पर सुनवाई टली, मध्य प्रदेश सरकार ने माँगा समय
नई दिल्ली/जबलपुर: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार, 4 अगस्त 2025 को ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों की सुनवाई टल गई है। मध्य प्रदेश सरकार ने मामले में बहस करने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के नाम पर समय माँगा, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 12 अगस्त 2025 तय कर दी है।
सरकार ने क्यों माँगा समय?
आज सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट क्रमांक 6 में सीरियल क्रमांक 59, 59.1 और 59.2 पर सूचीबद्ध ओबीसी आरक्षण के मामलों की सुनवाई होनी थी। इस सुनवाई में मध्य प्रदेश सरकार की भूमिका अहम थी। सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और के.एम. नटराज ने यह कहते हुए बहस के लिए समय माँगा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता इन मामलों में बहस करेंगे।
किन मामलों पर होनी थी सुनवाई?
आज की सुनवाई में मुख्य रूप से 87-13% के फॉर्मूले को चुनौती देने वाली याचिकाओं और याचिका क्रमांक TP(c) no. 07/2025 में 4 मई 2022 को पारित अंतरिम आदेश को रद्द करने के लिए सरकार द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर बहस होनी थी। हालांकि, सरकार के अनुरोध पर बहस नहीं हो सकी।
याचिकाकर्ताओं का पक्ष
इस मामले में होल्ड किए गए अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका, याचिका क्रमांक 7/25 में दाखिल हस्तक्षेप याचिका और स्टे वेकेटिंग आवेदन पर याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, वरुण ठाकुर, और हनुमत लोधी ने अपना पक्ष रखा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2025 को होगी, जिस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
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