जबलपुर। अपने बेटे की आत्महत्या के बाद 70 साल की उम्र में एक पिता पुलिस महकमे के हर दहलीज पर अपना मत्था रगड़ चुका है,लेकिन उसे सुनने वाला कोई नहीं है। इस पिता की फरियाद बस इतनी है कि जिसे पुलिस ने खुदकशी करार दिया है,असल में वो पूरा सच नहीं है।  उसका आरोप है कि उसके बेटे को आत्महत्या करने पर विवश किया गया है और जिन्होंने ऐसा किया है,वे खुले घूम रहे हैं। पुलिस से अपील की गयी है कि वो मामले की जांच करे। अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने इस फरियादी को जांच का आश्वासन दिया है। शिकायत के अनुसार संदीप के मृत्यु पूर्व किए गये मोबाइल में टाइप की गयी बात के अलावा पुलिस चोरी के मामले की जांच भी नहीं कर रही है। मदन महल थाने में भी कई बार शिकायत की जा चुकी है।  
-पत्नी करती थी प्रेमी से बात
वीर सावरकर वार्ड के सुदामा नगर में मकान नंबर 415 में रहने वाले नर्मदा प्रसाद राय की शिकायत के अनुसार, 19 जनवरी 2025 को उनके पुत्र संदीप राय की पत्नि सपना राय अपने प्रेमी से बात कर रही थी तभी संदीप ने उसे देख लिया और मोबाइल तोड़ दिया। अगले ही दिन सपना गुस्से में अपनी मां रुकमणी जैसवाल व मामा सुधीर जैसवाल के पास रीवा चली गयी। संदीप उसे लेने कई बार गया,लेकिन वो नहीं आई। कई बार सपना और उसके घर वालों ने संदीप को झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी।  इसी तनाव के कारण संदीप राय ने खुदकशी की कोशिश की और इलाज के दौरान 12 जुलाई 2025 को इलाज के दौरान उसकी मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हो गयी।  उसी दिन बेटे की पत्नि सपना राय,सुधीर और रुक्मीण जैसवाल बेटे से मिलने आए और इसके बाद वे संदीप के घर आए और यहां से सोने-चांदी के जेवर नकदी लेकर चंपत हो गये। शिकायत में श्री राय ने आर्यन(सपना का प्रेमी)राघवेंद्र जायसवाल,रमेश जायसवाल एवं डब्बू जैसवाल पर भी संदीप को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर करने की मांग की है।
-...तो जीवित होता युवक
राजमिस्त्री का काम करके अपना जीविकोपार्जन करने वाले श्री राय की पीड़ा है कि यदि मऊगंज के लौर थाने की पुलिस संदीप राय द्वारा 4 जून 2025 को की गयी शिकायत पर पर कार्रवाई करती तो आज बेटा संदीप जीवित होगा। शिकायत में संदीप बताया था कि उसकी पत्नि और उसके परिजनों द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा  है और जब वो उसे लेने आया है तो वो जाने तैयार नहीं है और उल्टे धमका रही है। शिकायत में ये भी बताया गया कि उसके साथ मारपीट भी की गयी।