जबलपुर। कांग्रेस के नए जिलाध्यक्ष के नाम का ऐलान होने का बेसब्री से इंतजार करने वालों के लिए ये सुखद खबर है कि नए नामों वाली लिस्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है और अधिकतम 15 दिनों के भीतर इस लिस्ट का सार्वजनिक कर दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष के दावेदारों को आशंका है कि रायशुमारी के दौरान जो नाम दौड़ में नहीं है, वे पीछे के दरवाजे से दौड़ में आ गए हैं। हालाकि, संगठन के पदाधिकारियों ने दावेदारों को दिलासा दी है कि ऐसा नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस संगठन ने सृजन अभियान के तहत संगठन के कायाकल्प करने की प्रक्रिया शुरु की है।  कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के निर्देश पर इस अभियान को गुजरात मॉडल की तर्ज पर शुरू किया गया था। इसमें कार्यकर्ताओं की राय को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
-दिल्ली में कई चरणों में हुआ मंथन
खबर है कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में दिल्ली में कई चरणों में मंथन किया जा चुका है और सब कुछ अंतिम चरण में हैं। ताजा संकेत हैं कि सूची 15 दिनों के भीतर सामने आ जाएगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जिला अध्यक्ष, कांग्रेस संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच की सबसे अहम कड़ी होते हैं। इसीलिए उन्हें पहले से अधिक अधिकार और जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे संगठन को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मजबूती मिल सके।
-क्या शंकाएं,क्या हकीकत
इधर, जबलपुर जिले के दावेदारों को पर्यवेक्षकों के आगमन के साथ ही ये चिंता सता रही है कि जो कहीं दिख नहीं रहे हैं, अंतत:वही बाजी मारेंगे। हालाकि, दावेदार का डर निराधार नहीं है,क्योंकि कांग्रेस संगठन में ऐसा पहले कई बार हो चुका है और अभी भी कई स्थानों पर ऐसी स्थिति बनी हुई है। हालाकि, पदाधिकारियों का दावा है कि लगातार हार के बाद कांगे्रस का आला संगठन अब बदलाव की डगर पर है इसलिए जमीनी रिपोर्ट को ही फॉलो किया जाएगा, न कि नेताओं की मर्जी चलेगी।