हिमाचल और उत्तराखंड में कुदरत का कहर: बादल फटने से तबाही, 4 की मौत, सैकड़ों सड़कें बंद
शिमला/देहरादून – पहाड़ों पर मानसून की भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तबाही मचा दी है। दोनों राज्यों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, सड़कें बंद हो गई हैं और कई लोग फंसे हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में बादल फटा, कैलाश यात्रा रुकी
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बुधवार को तंगलिंग के पास बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। पहाड़ से चट्टान और मलबे का सैलाब सड़क पर आ गिरा, जिससे कैलाश यात्रा रूट पर दो पुल बह गए और पूरा रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस कारण कैलाश यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिपलाइन की मदद से 413 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इसके अलावा, किन्नौर के रिब्बा गांव के पास रालडांग खड्ड में भी बादल फटा, जिससे नेशनल हाईवे-5 बंद हो गया। हाईवे पर लगभग 150 मीटर हिस्से में कीचड़ और बड़े-बड़े पत्थर जमा हो गए हैं। हालांकि, इन हादसों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इससे पहले मंगलवार रात को चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर भी भूस्खलन हुआ। राज्य में भूस्खलन के कारण 500 से अधिक सड़कें बंद हैं। शिमला, मंडी, सोलन और कुल्लू जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
उत्तराखंड में भी तबाही, 4 की मौत, 50 लापता
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी बारिश कहर बनकर टूटी है। मंगलवार को धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, कर्णप्रयाग में पहाड़ ढहने से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे बंद हो गया है। हरिद्वार-देहरादून रेल मार्ग पर चट्टान गिरने से रेल परिचालन भी ठप हो गया है। बचाव और राहत कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हो रहे हजारों सपनों के घर
अल्पविराम टूल किट के माध्यम से जीवन में कराया जा रहा है आनंद का अहसास
खाई में गिरते ही कार में आग, बचने का नहीं मिला मौका
ऑटो कंपनियों को नए इंजन और टेक्नोलॉजी पर करना होगा काम
एक पुलिस अधिकारी की भूमिका पर उठे निष्पक्षता के सवाल
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पूरे नगर में शोक की लहर
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की धरती पर AAP की जीत, भाजपा का जादू फीका