उत्तरकाशी धराली आपदा में रेस्क्यू के लिए जा रही टीम धरासू बैंड पर लैंडस्लाइड होने से फंसी.
उत्तरकाशी: धराली में आई आपदा के बाद सड़क मार्ग से मदद पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और उससे आगे भी जगह-जगह पर सड़कें बंद हैं. लगातार राहत बचाव दल और अधिकारियों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है. पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जगह-जगह पर सड़क मार्ग बंद है.
उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे पर धरासू बैंड भी लैंडस्लाइड कारण बंद है. पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ रहे हैं. आलम ये है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, रिजर्व पुलिस फोर्स के अधिकारी और एसडीआरएफ के जवान फंसे हुए हैं. ये सभी अधिकारी और जवान धराली आपदा में रेस्क्यू करने के लिए रवाना हुए हैं. इसके अलावा धरासू बैंड पर मार्ग बाधित होने के कारण तमाम स्थानीय लोग भी फंसे हुए हैं.
हवाई मार्ग एकमात्र विकल्प: धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में सड़क से पहुंचना काफी चुनौती भरा हो रहा है. जगह-जगह लैंडस्लाइड और बोल्डर गिरने से मार्ग बंद है. हालांकि, जेसीबी और पोकलेन मशीन से बोल्डर और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है. वहीं भटवाड़ी में भी सड़क का 30 मीटर हिस्सा धंस जाने के कारण बड़ी चुनौती बना हुआ है. ऐसे में वायु मार्ग से राहत बचाव पहुंचाने को लेकर तैयार किए जा रहे प्लान के बारे में आपदा प्रबंधन से बातचीत की.
आपदा प्रबंधन AECO ऑपरेशन राजकुमार नेगी ने हमें बताया कि एयरपोर्ट से लगातार संपर्क किया जा रहा है. कुछ ही देर में MI-17 के दो हेलीकॉप्टर और एक चिनूक हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पर उतरेंगे. जहां से आपदा के क्षेत्र में कुछ जरूरी उपकरण और सामान लेकर ग्राउंड जीरो की ओर उड़ान भरेंगे. वहीं वायु सेना की ऑप्शनल गतिविधि कहां से होगी? इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.
उफान पर भागीरथी: जैसे-जैसे ईटीवी भारत की टीम धराली घटनास्थल पर ग्राउंड जीरो की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे भागीरथी नदी का बहाव अधिक देखने को मिल रहा है. चिन्यालीसौड़ से नीचे टिहरी झील में भागीरथी का जल शांत देखने को मिल रहा है. लेकिन जैसे-जैसे ऊपर की तरफ जा रहे हैं, भागीरथी का उफान अत्यधिक देखने को मिल रहा है. जल का प्रवाह और वेग काफी तेज देखने को मिल रहा है.
गौर है कि 5 अगस्त दोपहर उत्तरकाशी की खीर गंगा में भारी तादाद में मलबा आने के कारण आपदा आ गई. इस हादसे में 40 से 50 घर बह गए, जबकि कई लोग लापता हो गए. साथ ही धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है. धराली गांव में कई फीट तक मलबा और बड़े बड़े बोल्डर जमा हो गए हैं. मौके पर फंसे लोगों को बचाने का कार्य जारी है. अभी तक 6 डेड बॉडी मिली हैं. 135 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. धराली गांव में फंसे 200 लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
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