सतना,मध्यप्रदेश।। देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मनमोहन सिंह परिहार के स्मारक से 4 अगस्त की रात अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा प्रतीकात्मक बंदूक चोरी कर ली गई। यह शर्मनाक घटना न सिर्फ एक वीर सपूत के सम्मान का अपमान है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है।

मनमोहन सिंह परिहार, बल संख्या 830735961, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में पदस्थ थे। वे 11 मार्च 2014 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली हमले में शहीद हुए थे। उनके बलिदान की स्मृति में उनके पैतृक गांव सेमरी में एक स्मारक स्थापित किया गया, जिसमें प्रतीकात्मक बंदूक शहीद के साहस की प्रतीक थी।

यह पहली बार नहीं है जब इस स्मारक को क्षतिग्रस्त किया गया हो। शहीद की पत्नी श्यामा सिंह परिहार ने बताया कि पहले भी स्मारक में लगी बंदूक को तोड़ा गया था जिसे उन्होंने स्वयं अपने प्रयासों से पुनः स्थापित कराया था।लेकिन इस बार जब उन्होंने स्मारक पर जाकर देखा किबंदूक पूरी तरह गायब है तो वे बेहद व्यथित और आहत हो गईं।

श्यामा सिंह परिहार ने इस घटना को न सिर्फ स्मारक की तोड़फोड़ बताया, बल्कि इसे एक वीर सपूत की शहादत और देश के प्रति किए गए बलिदान का खुला अपमान कहा। उन्होंने इस घटना के खिलाफ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के पुलिस महानिरीक्षक (IG), नई दिल्ली को आवेदन भेजा है, जिसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने जल्द गिरफ्तारी करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है।