रायसेन,  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक बेहद दुखद और आक्रोशपूर्ण घटना सामने आई है। यहाँ नगरपालिका में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मनोज लोधी (जेसीबी मशीन ऑपरेटर) ने पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से परेशान होकर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है, जिसके बाद नगरपालिका कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।


 

वेतन की गुहार के बाद उठाया आत्मघाती कदम

 

जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज लोधी पिछले कई महीनों से अपने वेतन के लिए नगरपालिका के चक्कर लगा रहा था। वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ था, जिससे वह गहरे मानसिक दबाव में था। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से ठीक एक दिन पहले मनोज ने अपनी समस्या को लेकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और नगरपालिका अध्यक्ष से मुलाकात की थी, लेकिन उसकी गुहार का कोई समाधान नहीं हो सका। प्रशासन की उदासीनता और निराशा से तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।


 

आक्रोशित कर्मचारियों का प्रदर्शन, मौके पर पहुंचा पुलिस-प्रशासन

 

मनोज की आत्महत्या की खबर सुनते ही नगरपालिका के अन्य कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी नगरपालिका कार्यालय के सामने इकट्ठा हो गए और वेतन भुगतान में हो रही लगातार देरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर मनोज की मौत का जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। हालात को बेकाबू होते देख, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल एसडीएम और टीआई को मौके पर पहुंचना पड़ा।

इस घटना ने नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन न मिलने की समस्या यहाँ आम है, और प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं देता। मनोज की मौत केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है।