कटनी: जिले के देवरी हटाई गांव में नल-जल योजना की पाइपलाइन से सप्लाई हुए दूषित पानी ने कहर बरपाया है। दूषित पानी पीने के कारण गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैल गया है, जिससे तीन लोगों की मौत होने की आशंका है, जबकि 50 से ज्यादा ग्रामीण बीमार हो गए हैं। इस घटना के बाद स्वास्थ्य और पीएचई विभाग में हड़कंप मच गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना की पाइपलाइन में लीकेज होने से गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा था। पिछले एक हफ्ते से उल्टी-दस्त के मरीज सामने आ रहे थे, लेकिन अचानक संख्या बढ़ने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इसी प्रकोप के कारण गांव के तीन बुजुर्गों – रामकृपाल यादव (75), काशी प्रसाद कुशवाहा (65) और प्रकाश सिंह (65) की मौत हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को सीधे तौर पर उल्टी-दस्त से जोड़कर नहीं देख रहा है।

इस मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। लगभग 50 पीड़ित ग्रामीणों में से 25 से अधिक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में एक चिकित्सा शिविर भी लगाया है, जहां पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है।

पीएचई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी के सैंपल लिए और तत्काल दूषित पानी की सप्लाई बंद करवा दी। इसके बाद पेयजल टंकी को भी पूरी तरह से खाली करवाया गया है। एहतियात के तौर पर, ग्रामीणों को फिलहाल केवल हैंडपंप का पानी पीने की सलाह दी गई है। जिला अस्पताल के सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि पाइपलाइन में लीकेज की वजह से ही दूषित पानी लोगों तक पहुंचा, जिससे यह बीमारी फैली। उन्होंने बताया कि अब तक 50 से ज्यादा ग्रामीणों का इलाज किया जा चुका है।