जबलपुर, जबलपुर जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज जिला स्थाई शिक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के उपाध्यक्ष विवेक पटेल ने की। इस बैठक में छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।


 

जर्जर भवनों में कक्षाएं न चलें, नियमित निरीक्षण के निर्देश

 

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसी भी स्थिति में जर्जर और खतरनाक शाला भवनों में कक्षाओं का संचालन न हो। सभी स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों की समय पर उपस्थिति, बच्चों की पढ़ाई, और स्कूल परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा, शौचालयों, किचन शेड और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी सूक्ष्मता से जांच की जाएगी।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जर्जर भवनों को तुरंत गिराने की कार्यवाही की जाए। साथ ही, मरम्मत योग्य भवनों की मरम्मत समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए।


 

छात्रों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय

 

समिति ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

  • सुरक्षित दूरी: जहां निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है, वहां बैरिकेडिंग और झाड़ियां लगाई जाएं, ताकि बच्चे उस ओर न जा सकें।

  • चेतावनी बोर्ड: जर्जर और खतरनाक स्थलों पर फ्लेक्स के माध्यम से सूचना प्रदर्शित की जाए।

  • बिजली और पानी: कटे हुए या खुले बिजली के तारों को तुरंत ठीक किया जाए और जलभराव की स्थिति न बनने दी जाए।

  • भवन शिफ्टिंग: खतरनाक स्थितियों में स्कूल की कक्षाओं को तुरंत सुरक्षित पक्के भवनों में स्थानांतरित किया जाए।


 

योजनाओं का लाभ और सांदीपनि विद्यालयों को आदर्श बनाना

 

बैठक में यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि शासन की सभी योजनाओं, जैसे पाठ्यपुस्तक वितरण, साइकिल, लैपटॉप और छात्रवृत्ति की राशि का वितरण सभी पात्र विद्यार्थियों को समय पर मिले। इसके साथ ही, जिले के सभी सांदीपनि विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया, ताकि वे अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकें।