गैस लीकेज होने पर सीटी की आवाज देने लगेगा बॉक्स, छात्र से सेंसर लगाकर तैयार किया उपकरण
- आगजनी की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से बनाया, कलेक्टर ने किया सम्मानित
हसन मोहम्मद। पृथ्वीपुर
विकासखण्ड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मड़िया के एक छात्र ने एलपीजी गैस लीकेज सेंसर बॉक्स बनाया है। सेंसर के माध्यम से सिलेंडर से होने वाली गैस लीकेज की तत्काल जानकारी मिल जाएगी। छात्र ने बाकायदा इसे चलाकर भी बताया है। जिससे आसानी से गैस लीकेज होने पर कंट्रोल किया जा सकता है।
मड़िया ग्राम के एक छोटे से किसान नीलेश नायक के 13 वर्षीय बेटा आदर्श नायक जो कक्षा 7वीं में पढ़ता है। घर पर ही उसने सेंसर उपकरण तैयार किया। छात्र आदर्श नायक ने बताया कि आगजनी की होने वाली घटनाओं को लेकर मन में विचार आया कि क्यों ना ऐसा कुछ उपकरण बनाया जाए। जिससे गैस लीकेज का पता चल सके। जिस पर एक बॉक्स को तैयार किया। उसमें सेंसर के लगाया। अगर सिलेंडर से गैस रिसाव हो रही है, तो उसमें सीटी की आवाज आने लगेगी। जिससे सचेत हो जाएंगे। सीटी की आवाज सुनते ही आप इसके बचाव के लिए कुछ न कुछ उपाय या गैस को बंद कर देंगे। जिससे घटना होने से बच जाएगी। छात्र आदर्श नायक बताते है कि अक्सर घरों में आगजनी की घटनाएं देखने व सुनने मिल जाती है। ऐसे में कई लोगों की जान भी चली जाती है। जहां गैस का उपयोग होता है। वहां लापरवाही या लीकेज होने के कारण लोगों को पता ही नहीं चलता है कि कैसे घटना हो गई। इसे लगाने से गैस लीकेज की समस्या का पता चलता रहेगा। छात्र की हुनर को देखकर छोटी सी उम्र में इस तरह के उपकरण तैयार करने पर हाल ही निवाड़ी कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने ग्राम पंचायत मड़िया में पुस्ताकालय के शुभारंभ के दौरान छात्र आदर्श का सम्मान भी किया।
सेंसर बॉक्स में लगाए यह सामान
छात्र ने बताया कि सेंसर बनाने के लिए बाजार से सामान खरीदना शुरू किया। जिसमें 3.7 वोल्ट लिथियम आयन बैटरी, एमपी-2 गैस सेंसर मॉड्यूल, बजर सायरन, स्विच को एक बॉक्स में लगाया। एक दूसरे से ज्वाइंट करके फिक्स किए। इसके बाद सिलेंडर की बॉल को लगाया। एक माह की निरंतर कोशिश के बाद यह उपकरण तैयार हो पाया। इसके बाद गैस लीकेज करके इसे उपयोग किया तो सफल रहा।
घटनाओं को रोकने में सफल रहेगा
आज कल एलपीजी गैस रिसाब होने से हर रोज एक ना एक घटना घटित हो रही है। इन घटनाओं में जैसे गैस सिलेंडर में आग लगना, एलपीजी गाड़ियों में आग लगना, होटल, ढाबा में आग लगने से नुकसान उठाना पड़ता है। क्योंकि गैस रिसाब होने की जानकारी नहीं मिल पाती है और आग लग जाती है। अगर ऐसे उपकरण को लोग उपयोग करें तो गैस लीकेज की तत्काल जानकारी मिल सकती है। जिससे लोग होने वाली घटना से बच सकते है।
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