पृथ्वीपुर। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और ग्रामीण क्षेत्रों के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पृथ्वीपुर में 6 डॉक्टरों के पद हैं, लेकिन सिर्फ 2 ही कार्यरत हैं। इसी तरह, जेरोन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 4 डॉक्टरों की जगह केवल 2 डॉक्टर तैनात हैं। वहीं, लुहरगुवा और सिमराखास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी डॉक्टर नहीं है, जिससे इन केंद्रों पर आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

24 घंटे काम कर रहे डॉक्टर, फिर भी नहीं मिल रहा समय पर इलाज

 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पृथ्वीपुर में 4 डॉक्टरों की कमी होने के कारण मौजूदा 2 डॉक्टरों को 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे कई मरीज निराश होकर बिना इलाज के ही लौट जाते हैं। जेरोन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी यही हाल है, जहां 2 डॉक्टर भारी काम के बोझ तले दबे हैं। उन्हें नियमित इलाज के साथ-साथ एमएलसी, पीएम और डिलीवरी जैसे मामले भी संभालने पड़ते हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।

 

ग्रामीणों ने की डॉक्टरों की तैनाती की मांग

 

सीताराम झां, अमित वर्मा, प्यारेलाल कुशवाहा, रामकिशन साहू, मनोहर, प्रशांत जैन, अनिल मिश्रा, भूपेंद्र बुंदेला, जमना यादव और अजय अहिरवार जैसे स्थानीय निवासियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्रों में और डॉक्टरों की तैनाती की जाए। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और डॉक्टरों पर काम का बोझ भी कम होगा।

 

अधिकारियों ने भेजा प्रस्ताव

 

इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र निरंजन ने बताया कि उन्होंने जिला स्वास्थ्य अधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल को पत्र लिखकर डॉक्टरों की कमी दूर करने और अतिरिक्त डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की है।