जबलपुर। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सहायता राशि में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक भाजपा मंडल अध्यक्ष और उसकी दो बहनों ने योजना के नाम पर कई महिलाओं की आईडी का दुरुपयोग कर सरकारी राशि हड़प ली। इस मामले को लेकर आज पीड़ित महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर एसपी को शिकायत सौंपी।

शादीशुदा को भी ‘कन्या विवाह’ का लाभ
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि मंडल अध्यक्ष अकील अंसारी, गुलाम नवी और गुलाम नवी की दो बहनों ने न केवल अविवाहित महिलाओं का फर्जी विवाह दिखाकर योजना की राशि निकाली, बल्कि जिन महिलाओं का विवाह 18-20 साल पहले हो चुका था, उन्हें भी लाभार्थी दिखा दिया।

अम्बेडकर कॉलोनी निवासी परवीन खान ने शिकायत में कहा कि यह गिरोह महिलाओं को बहला-फुसलाकर योजना का फॉर्म भरवाता है और फिर उनकी आईडी का इस्तेमाल कर शासन से मिलने वाली 51 हजार रुपये की सहायता राशि हड़प लेता है।

शादी नहीं हुई, फिर भी मिली योजना की राशि
शिकायत में जिन नामों का उल्लेख किया गया है उनमें गोहलपुर की सिफा, सिरीन, जुबेरिया जैसी महिलाएं शामिल हैं जिनकी अब तक शादी नहीं हुई है, फिर भी योजना का लाभ दिखाया गया। वहीं, आसमा और रेशमा के नाम पर भी राशि दिलाई गई, जबकि उनकी शादी अब तक नहीं हुई है।

परिवारजनों को भी लाभ
आरोप है कि मंडल अध्यक्ष की सगी रिश्तेदारों को भी लाभ दिलाया गया। रीना की बहन को योजना की राशि वर्तमान में दिलाई गई, जबकि उनका विवाह 18-20 वर्ष पहले हो चुका है। इसके अलावा रुकसार के नाम पर भी पैसा निकाले जाने की बात सामने आई है।

जांच की मांग
पीड़ित महिलाओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह संगठित तरीके से किया गया फर्जीवाड़ा है जिसमें सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। एसपी ऑफिस ने शिकायत प्राप्त कर जांच के निर्देश दिए हैं।