जबलपुर।
देश में लोकतंत्र और संविधान की पवित्रता को बचाने के लिए कांग्रेस ने बड़ा जनआंदोलन शुरू किया है। पार्टी ने इस अभियान का नाम ‘वोट सत्याग्रह’ रखा है, जिसकी शुरुआत रीवा  क्षेत्र से की जाएगी। यह बात मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में इस आंदोलन की घोषणा की गई है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ऐसे कानून ला रहे हैं, जिससे आम जनता, राजनीतिक दल और कार्यकर्ता चुनाव आयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त नहीं कर पाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनावी प्रक्रिया से पारदर्शिता हट गई, तो लोकतंत्र की जड़ें कमजोर हो जाएंगी।

ष्एक वोट से तय होता है देश का भविष्यष् दृ जीतू पटवारी
पत्रकारों से बातचीत में पटवारी ने कहा दृ

ष्एक वोट से हम अपनी सरकार चुनते हैं। इस प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है। अगर लोकतंत्र नहीं बचेगा, तो देश भी नहीं बचेगा। हम चाहते हैं कि यह व्यवस्था लाखों साल तक संविधान के अनुरूप चलती रहे।ष्

उन्होंने कहा कि जब से कांग्रेस ने चुनावी खुलासे करने की बात कही, तब से केंद्र ने चुनाव आयोग से जुड़ी कई वेबसाइटें और सूचनाएं बंद कर दीं। ष्यह पारदर्शिता खत्म करने का षड्यंत्र है और कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी,ष् उन्होंने जोड़ा।

पत्रकारों और कार्यकर्ताओं से अपील
पटवारी ने देशभर के पत्रकारों से इस मुद्दे पर खुलकर लिखने और जनता को जागरूक करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर संदेश फैलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने लक्ष्य रखा कि सिर्फ जबलपुर में ही 1,002 घरों तक यह संदेश पहुंचेगा, जबकि प्रदेशभर में लाखों परिवारों से संपर्क किया जाएगा।

कार्यक्रम की रूपरेखा
पहला चरणरू जबलपुर (निवास क्षेत्र) से ‘वोट सत्याग्रह’ की शुरुआत।

दूसरा चरणरू भोपाल में तिरंगा यात्रा।

तीसरा चरणरू ग्वालियर में तीन दिन तक लगातार लोकतंत्र बचाओ अभियान।

ष्हमारी पीढ़ी की जिम्मेदारीष् दृ पटवारी
पटवारी ने कहा दृ

ष्हमारे पहले भी पीढ़ियां थीं जिन्होंने संविधान पर भरोसा करके देश की सेवा की। आज यह जिम्मेदारी हमारी है और कल यह जिम्मेदारी अगली पीढ़ी की होगी। लेकिन देश को हमेशा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप चलना चाहिए, यही हमारी लड़ाई है।ष्

राजनीतिक महत्व
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आंदोलन कांग्रेस के लिए न केवल जनता के बीच जुड़ाव बढ़ाएगा, बल्कि 2025 के आगामी राजनीतिक माहौल में इसे केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मजबूत मंच भी मिलेगा। तिरंगा यात्रा और घर-घर संपर्क अभियान से कांग्रेस अपनी सक्रियता का संदेश प्रदेशभर में फैला सकेगी।