नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम को लेकर चल रही अटकलों पर जल्द विराम लग सकता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हाईकमान ने सभी सांसदों को 6 और 7 सितंबर को दिल्ली में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। इस फरमान को एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा से जोड़कर देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। माना जा रहा है कि पार्टी ने उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।एनडीए उम्मीदवार की घोषणा की संभावना: यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा और एनडीए गठबंधन 6 सितंबर को अपने उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकता है। पार्टी चाहती है कि सभी सांसद इस दौरान राजधानी में मौजूद रहें ताकि उम्मीदवार के समर्थन में कोई कोर-कसर न रह जाए।

रणनीतिक महत्व: उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भाजपा बेहद गंभीर है। पार्टी का मानना है कि इस पद पर एक ऐसा चेहरा होना चाहिए जो सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चला सके और सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ा सके। इसके अलावा, उम्मीदवार का चयन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर भी किया जा सकता है।

सभी सांसदों को दिल्ली में रहने के निर्देश से यह साफ है कि पार्टी जल्द ही इस महत्वपूर्ण पद के लिए अपने उम्मीदवार का नाम सार्वजनिक करने वाली है। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और चुनाव की तारीखों का ऐलान भी किया जाएगा।

 **उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 - भाजपा की रणनीति और गतिविधियाँ**

| 🔢 **तारीख**           | 🗓️ * निर्णय**                                   | 🧠 **रणनीतिक महत्व**                                  |
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| **6-7 सितंबर**         | सभी सांसदों को दिल्ली में रहने का निर्देश               | उम्मीदवार के नाम की घोषणा व समर्थन सुनिश्चित करना     |
| **अब तक**              | भाजपा हाईकमान की आंतरिक बैठकें (नड्डा, अमित शाह आदि)    | उम्मीदवार पर अंतिम सहमति बनाना                        |
| **6 सितंबर (संभावित)** | एनडीए द्वारा उपराष्ट्रपति उम्मीदवार की घोषणा            | चुनावी गणित व क्षेत्रीय संतुलन ध्यान में रखते हुए चयन |
| **घोषणा के बाद**       | सांसदों से समर्थन जुटाना और नामांकन प्रक्रिया शुरू करना | एकजुटता और मजबूती का संदेश देना                       |
| **आगे**                | चुनाव आयोग द्वारा तारीख़ों की घोषणा और चुनाव प्रक्रिया  | संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार चुनाव संचालन            |

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*रणनीतिक बिंदु**

| 🎯 **फोकस क्षेत्र**         | 🔍 **विवरण**                                                           |
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| **संसदीय नियंत्रण**         | ऐसा उम्मीदवार जो राज्यसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित कर सके |
| **राजनीतिक संदेश**          | एनडीए की एकजुटता और नेतृत्व की स्पष्टता दिखाना                         |
| **भविष्य की चुनावी तैयारी** | राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा को ध्यान में रखकर चेहरा चुनना |
| **सांसदों की उपस्थिति**     | समर्थन का शक्ति प्रदर्शन और औपचारिक प्रक्रियाओं को मज़बूती देना        |