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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठनात्मक फेरबदल को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। एक तरफ देश में आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हैं, तो वहीं पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच बेचैनी बढ़ती जा रही है, लेकिन अब खबर आ रही है कि इस गतिरोध को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के बीच अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चल रही मंथन के बाद आखिरकार एक नए चेहरे पर सहमति बन गई है। बताया जा रहा है कि संघ ने इस नाम पर अपनी मुहर लगा दी है। अब बस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

हालांकि नए संभावित अध्यक्ष के नाम को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह चेहरा ऐसा होगा जो संगठन और सरकार दोनों के बीच बेहतर समन्वय बना सके और 2029 के आम चुनावों की रणनीति को मजबूती से आगे बढ़ा सके।

उल्लेखनीय है कि मौजूदा अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर समय-सीमा पार होती जा रही थी। ऐसे में अब संघ की तरफ से सहमति मिलना इस दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री मोदी पर टिकी हैं — जैसे ही उनकी तरफ से स्वीकृति मिलती है, पार्टी की तरफ से जल्द ही औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।