*भोपाल/जबलपुर।
प्रदेश में तहसीलदार और नायाब तहसीलदारों की जारी हड़ताल अब अदालत की चौखट पर पहुंच गई है। **मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय** में एक याचिका दायर कर इस हड़ताल को **अवैध घोषित करने** की मांग की गई है।

**राजस्व अदालतों का काम ठप्प**

प्रदेशव्यापी हड़ताल के कारण **राजस्व अदालतों के कार्य पूरी तरह ठप** हैं। जमीन, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है, जिससे हजारों लंबित प्रकरणों में देरी हो रही है।

**हड़ताल का कारण**

तहसीलदार और नायाब तहसीलदार **कार्य विभाजन (वर्क डिवीजन)** के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि नए कार्य-वितरण आदेश से उनके अधिकार और जिम्मेदारियों का संतुलन बिगड़ गया है, जो प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित है।

**अगले हफ्ते हो सकती है सुनवाई**

मिली जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट में इस याचिका पर **अगले सप्ताह सुनवाई** संभव है। अदालत तय करेगी कि क्या इस हड़ताल को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया जाए।

*प्रशासन की चिंता बढ़ी**

प्रदेश में राजस्व विभाग का कामकाज रुकने से आमजन को भारी दिक्कतें हो रही हैं। सरकार इस विवाद को सुलझाने के लिए आंतरिक स्तर पर बातचीत की कोशिश कर रही है, लेकिन अब मामला कोर्ट में पहुंचने से प्रशासनिक हलकों में चिंता और बढ़ गई है।