जबलपुर। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश ने जबलपुर जिले को शव परिवहन सेवा को सशक्त बनाने के लिए कुल 4 शव वाहन आवंटित किए हैं। इनमें से 2 वाहन पहले ही मेडिकल कॉलेज को प्राप्त हो चुके थे। अब मंगलवार को 2 और नए शव वाहन मिलने के बाद जिले में इस सेवा की क्षमता दोगुनी हो गई है। मेडिकल कॉलेज प्रांगण से डीन मेडिकल डॉ. नवनीत सक्सेना ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद हरी झंडी दिखाकर इन दोनों वाहनों को रवाना किया।

**शासन की पहल से परिजनों को राहत**
प्रदेश में राज्य शासन द्वारा संचालित यह योजना उन परिवारों के लिए राहत साबित हो रही है, जिनके परिजन का सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान या दुर्घटना के बाद मृत्यु हो जाती है। पहले मृतक के पार्थिव शरीर को घर तक ले जाने के लिए निजी वाहन या एंबुलेंस किराए पर लेना पड़ता था, जिससे परिजनों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। अब शासन की इस सेवा के तहत मृतक को उसके निवास स्थान तक पूरी तरह **निःशुल्क परिवहन** उपलब्ध कराया जाएगा।

**मानवता और संवेदनशीलता का संदेश**
डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि शव वाहन सेवा केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि यह मृतक और उसके परिवार के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है। “हमारी कोशिश है कि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम सफर में आर्थिक या व्यवस्थागत परेशानी का सामना न करना पड़े,” उन्होंने कहा।

**जिले में चार वाहनों से मजबूत होगी व्यवस्था**
दो नए शव वाहनों के जुड़ने से अब जबलपुर जिले में शव वाहन सेवा और अधिक प्रभावी हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अलावा यह सेवा जिले के अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों से भी संचालित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि चार वाहनों की उपलब्धता से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक भी मृतकों का सम्मानजनक परिवहन संभव हो सकेगा।

**सेवा का लाभ कैसे मिलेगा**
शव वाहन सेवा का लाभ लेने के लिए परिजनों को केवल संबंधित अस्पताल प्रशासन को सूचित करना होगा। अस्पताल प्रशासन तत्काल शव वाहन उपलब्ध कराएगा और मृतक के घर तक सुरक्षित पहुँचाने की व्यवस्था करेगा। इस दौरान परिजनों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।