नोएडा में चल रहा था फर्जी पुलिस हेडक्वार्टर, पुलिस ने मारा छापा
नोएडा: दिल्ली से सटे नोएडा में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता बिभास चंद्र अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। उन पर इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो नाम से एक फर्जी ऑफिस चलाने का आरोप है। यह भी पता चला है कि अधिकारी ने कोलकाता के बेलीघाटा में भी इसी तरह का एक ऑफिस चलाया था। पुलिस ने अधिकारी, उनके बेटे और चार अन्य लोगों को शनिवार रात नोएडा में गिरफ्तार किया। इन पर आरोप है कि ये लोग सरकारी अधिकारी बनकर जनता को धोखा दे रहे थे और उनसे पैसे वसूल रहे थे।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
बिभास चंद्र अधिकारी पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। उन्होंने कोलकाता में "इंटरपोल" के नाम से एक नकली ऑफिस खोला था। कोलकाता के स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने अधिकारी के साथ कुछ हथियारबंद लोगों को देखा था, जिन्हें वे पुलिस वाले समझ रहे थे। एक पड़ोसी ने बताया कि हमें लगा कि वे कोई बड़े अफसर हैं, इसलिए उनके साथ हथियारबंद लोग रहते थे। उनकी गाड़ी पर नीली बत्ती भी लगी हुई थी। पड़ोसी ने बताया कि हमने उन्हें पिछले महीने भी देखा था। बिभास चंद्र अधिकारी पहले बीरभूम के नलहाटी में तृणमूल के ब्लॉक अध्यक्ष थे। CBI और ED पहले से ही भर्ती घोटाले में उनकी जांच कर रही हैं। इस मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गई है। बीजेपी का आरोप है कि अधिकारी के सभी गलत काम तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि तृणमूल कांग्रेस के नेता ऐसे गलत कामों में शामिल रहते हैं।
राजनीतिक विवाद शुरू
इस पूरे मामले में कई बातें सामने आई हैं। एक तो यह कि बिभास चंद्र अधिकारी पहले तृणमूल कांग्रेस का नेता था। दूसरा, उन्होंने नोएडा और कोलकाता दोनों जगह फर्जी ऑफिस खोले थे। तीसरा, वे लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर धोखा देते थे और उनसे पैसे वसूलते थे। चौथा, CBI और ED पहले से ही उनकी जांच कर रही हैं और पांचवां इस मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है।
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