पुष्पेंद्र द्विवेदी 
 जयपुर - आयकर विभाग ने ब्लैक मनी के मामले में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. बता दें कि यह रेड दिल्ली में पदस्थ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता के नेतृत्व में सटीक योजना के तहत की गई. 
जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी पर आयकर विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक, 10 करोड़ रुपए नकद बरामद
आयकर विभाग की रेड.
जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी (JNU) पर आयकर छापों में ग्रुप संचालकों की ब्लैक मनी का पर्दाफाश हुआ है. ग्रुप संचालक संदीप बक्शी के अंडर ग्राउंड ठिकानों से 10 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं. इस ब्लैक मनी को संदीप बक्शी के सीडलिंग स्कूल के बेसमेंट में छुपाया गया था. बताया जा रहा है कि ग्रुप संचालकों ने छापे के दौरान कैश से भरे 15 बैग गायब कर दिए थे.
बता दें कि ग्रुप संचालकों ने तीन बड़ी गाड़ियों में करोड़ों का कैश भरकर अंडर ग्राउंड करवा दिया था. सीसीटीवी में कैश लेकर कर्मचारी भागते दिख रहे हैं. आयकर अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गहन जांच की.
 10 करोड़ से अधिक की ब्लैक मनी जब्त 
वहीं जांच के आधार पर अब आयकर विभाग ने 10 करोड़ की ब्लैक मनी जब्त की. जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी ग्रुप पर अब नए सिरे से जांच शुरू होगी. आयकर विभाग ने ब्लैक मनी के मामले में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. बता दें कि यह रेड दिल्ली में पदस्थ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता के नेतृत्व में सटीक योजना के तहत की गई.

  तकनिकी जाँच मे पर्दाफाश हुआ करोड़ों की नगदी 

सूत्रों के अनुसार, रेड शुरू होने से पहले करीब 15 बैग और सूटकेस में रखी करोड़ों की नकदी को दफ्तर से बाहर निकाल लिया गया था. यह योजना सोच-समझकर बनाई गई थी, लेकिन सिद्धार्थ गुप्ता ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज का फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन पड़ताल और घटनास्थल का पुनर्निर्माण करके पूरे नेटवर्क का पता लगा लिया.

सिद्धार्थ गुप्ता की सूझबूझ से सफल ऑपरेशन
इस बारीकी और रणनीतिक दृष्टिकोण का परिणाम यह हुआ 10 करोड़ रुपए नकद बरामद किया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन में सिद्धार्थ गुप्ता की सूझबूझ, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता ने केंद्रीय भूमिका निभाई. यह मामला न केवल आयकर विभाग की पेशेवर क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सटीक योजना और मजबूत नेतृत्व से कैसे किसी भी जटिल मामले की परतें खोली जा सकती हैं.
*कौन है सिद्धार्थ गुप्ता IRS 

वर्ष 2015 के बैच के आईएफएस अधिकारी थे लखनादौन मे प्रोविशनल ट्रेनिंग के उपरांत वर्ष 2021 मे काफ़ी कम समय के लिए पोस्टिंग बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व मे हुई थी एक ईमानदार, बौद्धिक क्षमता से भरपूर व्यक्तित्व के धनी सरल स्वाभाव के व्यक्ति थे सिद्धार्थ गुप्ता कम समय मे भी बांधवगढ़ के लिए काफ़ी कुछ कर गए.