जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासन और पारदर्शिता के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शहीद अब्दुल हमीद मंडल के अध्यक्ष   अकील अहमद अंसारी  को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने  मुख्यमंत्री कन्यादान योजना  के अंतर्गत मिलने वाली सरकारी सहायता राशि में गड़बड़ी की और लाभार्थी महिलाओं तक यह राशि पहुंचाने के बजाय खुद हड़प ली।

महिलाओं ने की थी पुलिस में शिकायत

सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले पीड़ित महिलाओं का एक समूह एसपी ऑफिस पहुंचा था। महिलाओं ने लिखित शिकायत में बताया कि कन्यादान योजना की राशि, जो शादी के समय उन्हें मिलनी थी, अंसारी ने धोखे से अपने पास रख ली। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की और रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश नेतृत्व तक पहुंची।

पार्टी ने माना श्अशोभनीय कृत्यश्

भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने इस मामले को बेहद गंभीर माना और अंसारी के कृत्य को ‘अशोभनीय’ व ‘पार्टी की मर्यादा के विपरीत’ करार दिया। तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी ’’पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी गई’’ और मंडल अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया।

कन्यादान योजना क्या है?

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मध्य प्रदेश सरकार की एक सामाजिक कल्याण योजना है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में ₹51,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। इस राशि का मकसद शादी के खर्च में मदद करना है। अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने इसी योजना की राशि का दुरुपयोग किया।

पुलिस जांच जारी

जबलपुर पुलिस ने इस मामले में अंसारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि आरोप पुख्ता होते हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।

भाजपा का साफ संदेश

स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने कहा है कि पार्टी में भ्रष्टाचार और लाभार्थियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। यह कार्रवाई आने वाले समय में अन्य पदाधिकारियों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि जनकल्याण योजनाओं में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।