जबलपुर। 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकदी बरामदगी के चर्चित मामले में गिरफ्तार पूर्व RTO कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन गौर को हाईकोर्ट से अस्थाई जमानत मिल गई है। चेतन ने बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया।

50 हजार के निजी मुचलके पर मिली राहत
जबलपुर हाईकोर्ट ने चेतन गौर को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर अस्थाई जमानत दी है। हाल ही में चेतन गौर के घर जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था। याचिका में चेतन की ओर से कहा गया कि उसके अलावा पत्नी और बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इस दलील पर अदालत ने सहमति जताते हुए उसे सशर्त जमानत प्रदान की।

ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में दर्ज किया था केस
चेतन गौर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। चेतन की कार से 52 किलो सोना और करीब 10 करोड़ रुपए नकद बरामद किया गया था।

28 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में चेतन गौर का नाम सामने आया था। सौरभ ने ही चेतन की लोकेशन बताई थी, जिसके बाद ईडी की टीम ने 28 जनवरी को भोपाल की अरेरा कॉलोनी से उसे हिरासत में लिया।

प्रदेश में मचा था हड़कंप
इस बरामदगी ने प्रदेशभर में हड़कंप मचा दिया था। मामला न केवल मनी लॉन्ड्रिंग बल्कि कथित अवैध कमाई और भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है। ईडी अब भी इस केस में अन्य आरोपियों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।