ग्वालियर, मध्य प्रदेश - मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक ग्वालियर किले पर एक दिल दहला देने वाला हादसा टल गया। शनिवार को किले के लाइट एंड साउंड पॉइंट से एक युवती ने आत्महत्या करने के इरादे से छलांग लगा दी। हालांकि, मौके पर तैनात एक जांबाज पुलिस कांस्टेबल की तत्परता और बहादुरी से युवती की जान बच गई। कांस्टेबल ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे गहरी खाई में गिरने से पहले ही बचा लिया।

 

आत्महत्या का प्रयास और प्रत्यक्षदर्शियों का खौफ

यह घटना शनिवार शाम की है, जब सुहावने मौसम के कारण ग्वालियर किले पर काफी संख्या में पर्यटक पहुंचे हुए थे। वे किले की खूबसूरती का आनंद ले रहे थे और लाइट एंड साउंड पॉइंट पर सेल्फी खींच रहे थे। इसी दौरान अचानक एक युवती इस पॉइंट से नीचे खाई में कूद गई। यह देखकर वहां मौजूद लोग चीखने लगे और सकते में आ गए। उन्होंने तुरंत किले की पुलिस चौकी को इस घटना की जानकारी दी।

 

कांस्टेबल ऋषि सिंह तोमर बने देवदूत

सूचना मिलते ही किले पर तैनात कांस्टेबल ऋषि सिंह तोमर बिना एक पल भी गंवाए मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि युवती खाई के एक किनारे पर लटकी हुई थी और किसी भी वक्त नीचे गहरी खाई में गिर सकती थी। समय की नजाकत को समझते हुए, कांस्टेबल तोमर ने आसपास खड़े लोगों की मदद से एक रस्सी ली और बिना किसी की मदद का इंतजार किए अकेले ही खाई में उतर गए। नीचे उतरकर उन्होंने पाया कि युवती की सांसें चल रही थीं, लेकिन वह बुरी तरह से घायल हो चुकी थी।

 

डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत, सफल रेस्क्यू

 

ऋषि सिंह तोमर ने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों और नगर निगम की रेस्क्यू टीम को घटनास्थल पर बुलाया। इसके बाद पुलिस, नगर निगम की टीम और स्थानीय लोगों की मदद से लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवती को रस्सी के सहारे सुरक्षित ऊपर खींच लिया गया। अगर कांस्टेबल ऋषि सिंह तोमर ने फौरन कार्रवाई नहीं की होती, तो युवती नीचे गहरी खाई में गिरकर अपनी जान गंवा सकती थी।

युवती को इस दौरान हल्की चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके होश में आने और उसकी स्थिति सामान्य होने के बाद ग्वालियर पुलिस उससे पूछताछ करेगी कि उसने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कहां की रहने वाली है।इस बहादुरी भरे कदम के लिए कांस्टेबल ऋषि सिंह तोमर की चारों ओर जमकर सराहना हो रही है। उनकी तत्परता और साहस ने एक अनमोल जिंदगी बचा ली।