जबलपुर,  नेपियर टाउन इलाके में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां 100 साल से भी पुराना एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक गिर गया। गनीमत यह रही कि यह पेड़ सड़क पर न गिरकर, सीधे पास के एक जैन मंदिर की छत पर जा गिरा, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश विद्युत विभाग (MPSEB) और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंची और तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।


 

घटना का विवरण

 

यह घटना नेपियर टाउन के एक व्यस्त इलाके में दोपहर के समय हुई। इस क्षेत्र में कई सालों से खड़ा यह विशाल पीपल का पेड़, अपनी उम्र के कारण कमजोर हो चुका था। शनिवार दोपहर अचानक तेज हवा और शायद अपनी कमजोरी के कारण, पेड़ अपनी जड़ों से उखड़कर गिर गया। पेड़ का विशाल तना और शाखाएं पास में स्थित एक जैन मंदिर की छत पर जा गिरीं। छत को आंशिक नुकसान पहुंचा, लेकिन सबसे अच्छी बात यह रही कि उस समय मंदिर या आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। अगर यह पेड़ सड़क पर या किसी रिहायशी इमारत पर गिरता, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।

 

बचाव और राहत कार्य

 

घटना की जानकारी मिलते ही सबसे पहले स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद, तुरंत एमपीईबी और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। चूंकि पेड़ की शाखाएं बिजली के तारों में उलझ गई थीं, जिससे खतरा बढ़ गया था, इसलिए सबसे पहले बिजली की आपूर्ति बंद की गई। इसके बाद, दोनों विभागों की टीमों ने मिलकर काम शुरू किया। उन्होंने बड़े-बड़े कटर और अन्य उपकरणों की मदद से पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटना शुरू किया। इस कार्य में कई घंटे लगे, लेकिन टीमों ने बड़ी सावधानी से पूरे पेड़ को हटा दिया और रास्ते को साफ कर दिया।

 

पुराने पेड़ों की सुरक्षा पर सवाल

 

यह घटना एक बार फिर शहर में मौजूद पुराने और कमजोर पेड़ों के रखरखाव और सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है। शहर में ऐसे कई और पेड़ हैं, जो अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं। इस घटना ने प्रशासन को भी सचेत किया है। बताया जा रहा है कि नगर निगम ऐसे पेड़ों की पहचान कर उन्हें सहारा देने या सुरक्षित तरीके से हटाने की योजना बना रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।