भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूली छात्रों के लिए आधार कार्ड बनवाना और अपडेट कराना अब और भी आसान हो गया है। प्रदेश सरकार ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के साथ मिलकर आज से एक महत्वाकांक्षी अभियान 'विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार' की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, सरकारी स्कूलों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्रों को आधार से संबंधित कार्यों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह अभियान उन लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिनके बायोमेट्रिक अपडेट लंबे समय से लंबित हैं।

 

40 जिलों में पहला चरण, दो महीने तक चलेगा अभियान

 

अभियान के पहले चरण में, राज्य के 40 जिलों में आज 18 अगस्त 2025 से एक साथ शिविर शुरू हो गए हैं। ये शिविर अगले एक से दो महीने तक चलेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों तक पहुंचना है जिनके अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) में देरी हो रही है। UIDAI ने विशेष रूप से उन पिन कोड्स की पहचान की है जहां MBU सबसे अधिक लंबित हैं, और इन्हीं क्षेत्रों के स्कूलों को इस अभियान के लिए चुना गया है।

 

दो चरणों में होगा बायोमेट्रिक अपडेट

 

अभियान के तहत, छात्रों के बायोमेट्रिक्स को दो महत्वपूर्ण चरणों में अपडेट किया जाएगा:

  • पहला चरण (5 से 7 वर्ष): जब कोई बच्चा 5 साल का होता है, तो उसका बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य होता है। इस अभियान के तहत 5 से 7 वर्ष की आयु के बच्चों का पहला बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क किया जाएगा। 7 वर्ष की आयु के बाद अपडेट कराने पर शुल्क लागू होगा।

  • दूसरा चरण (15 से 17 वर्ष): इसी तरह, जब कोई छात्र 15 वर्ष का हो जाता है, तो उसका दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य होता है। इस अभियान में 15 से 17 वर्ष की आयु के छात्रों का दूसरा अपडेट भी निःशुल्क होगा। 17 वर्ष की आयु के बाद यह सुविधा शुल्क के साथ उपलब्ध होगी।

 

शेष 15 जिलों में जल्द शुरू होगा दूसरा चरण

 

राज्य के बाकी बचे 15 जिलों में इस अभियान का दूसरा चरण सितंबर 2025 के पहले सप्ताह से शुरू होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल न सिर्फ छात्रों को एक आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में मदद करेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा प्रदान करेगी। राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए स्कूल प्रशासन और UIDAI के बीच समन्वय सुनिश्चित किया गया है। छात्रों और उनके अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने संबंधित स्कूलों में जाकर इस सुविधा का लाभ उठाएं।