जबलपुर, । जबलपुर में डेयरी साइंस कॉलेज की स्थापना को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया, लेकिन सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे यह आरोप और मजबूत हो गया है कि राज्य सरकार जबलपुर के हितों की अनदेखी कर रही है।

घोषणा के बावजूद क्यों नहीं खुला कॉलेज?

पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने 25 नवंबर 2024 को जबलपुर में डेयरी साइंस कॉलेज खोलने की सार्वजनिक घोषणा की थी, लेकिन लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसके बजाय, सरकार ने उज्जैन में विक्रम यूनिवर्सिटी के तहत डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स की कक्षाएं शुरू कर दी हैं, जिससे जबलपुर के लोगों में भारी निराशा है।

सांसद और नागरिक भी सरकार से नाराज

इस मामले में केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि नागरिक समाज भी सरकार के रवैये से नाराज है। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी 20 नवंबर 2024 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर जबलपुर में यह कॉलेज खोलने का आग्रह किया था। स्थानीय नागरिक टी.के. रायघटक, डी.के. सिंग, सुशीला कनौजिया और अन्य ने इसे जबलपुर के साथ घोर अन्याय बताया है। उनका कहना है कि सरकार का यह दोहरा मापदंड शहर के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।