जबलपुर, । जबलपुर में उस समय हड़कंप मच गया, जब  आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल के शासकीय आवास में एक दुर्लभ काली गोह (Black Monitor Lizard) घुस गई। करीब ढाई फीट लंबी इस मादा गोह को देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। यह घटना आज सुबह करीब 10 बजे की है।

कर्मचारी की सूझबूझ से बची जान

कुलपति के आवास पर कार्यरत कर्मचारी अजय कुड़े ने घबराने के बजाय समझदारी दिखाई। उन्होंने धीरे से उस कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, जिसमें गोह घुसी थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल सर्प एवं वन्य प्राणी विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी।

जंगल में छोड़ा गया वन्यजीव

गजेंद्र दुबे ने मौके पर पहुंचकर सफलतापूर्वक गोह को रेस्क्यू किया। दुबे ने बताया कि यह एक मादा गोह है और पूरी तरह से विषहीन होती है। उन्होंने बताया कि इसे आमतौर पर विष खोपरा भी कहा जाता है, लेकिन यह केवल एक भ्रांति है। उन्होंने गोह को सुरक्षित रूप से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया।

विलुप्त होने की कगार पर है यह प्रजाति

विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे के अनुसार, यह प्रजाति अब विलुप्त होने की कगार पर है। यही कारण है कि इसे वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत विशेष सुरक्षा प्रदान की गई है। इस संरक्षित वन्यजीव को नुकसान पहुँचाना या पकड़ना एक गंभीर अपराध है। दुबे ने बताया कि अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण यह गोह कुलपति के आवास में एक खाली पड़े कमरे में आ गई थी।