जबलपुर। कांग्रेस पार्टी में जारी आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के जिला अध्यक्ष को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे विरोध के बाद, कांग्रेस संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्यकर्ताओं के लिए एक चेतावनी पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि जो भी कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्ष के खिलाफ पोस्ट कर रहे हैं, वे उन्हें 24 घंटे के अंदर हटा लें, वरना संगठन कड़ी कार्रवाई करेगा।

यह चेतावनी पत्र दिखाता है कि कांग्रेस के अंदर चल रहा असंतोष अब सार्वजनिक हो चुका है। पिछले कुछ समय से कई कार्यकर्ता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और व्हाट्सएप पर अपनी ही पार्टी के जिला अध्यक्ष के खिलाफ मुखर होकर पोस्ट डाल रहे थे। इन पोस्टों में नेतृत्व पर सवाल उठाए जा रहे थे और बदलाव की मांग की जा रही थी।

 

विरोध को अनुशासनहीनता माना

 

पार्टी के इस कदम को सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं के विरोध को दबाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। चेतावनी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह का सार्वजनिक विरोध पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है। संगठन ने इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लिया है और कहा है कि अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आपत्तिजनक पोस्ट नहीं हटाई गईं, तो संबंधित कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस लगातार अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, यह चेतावनी यह भी बताती है कि ज़मीनी स्तर पर पार्टी के भीतर गुटबाजी और असंतोष गहरा चुका है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से तात्कालिक तौर पर विरोध भले ही दब जाए, लेकिन यह कार्यकर्ताओं के असंतोष को और बढ़ा सकता है, जिससे पार्टी की अंदरूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब देखना यह है कि 24 घंटे की इस मोहलत के बाद पार्टी क्या कदम उठाती है और क्या कार्यकर्ताओं का विरोध खत्म होता है या यह संघर्ष एक नया मोड़ लेता है।