भोपाल। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ भोपाल के कोहेफिजा थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला उनके कॉलेज, इन्डो-जर्मन वेलफेयर सोसायटी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, की मान्यता से जुड़ा हुआ है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद हुई है।

 

क्या है पूरा मामला?

 

हाई कोर्ट में दायर एक याचिका के अनुसार, विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज को मिली मान्यता में कई अनियमितताएं पाई गईं थीं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि कॉलेज की मान्यता गैर-कानूनी तरीके से हासिल की गई थी, जिसमें कई सरकारी अधिकारी भी शामिल थे। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद, हाई कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और बीते दिनों विधायक मसूद के साथ-साथ इसमें संलिप्त सभी सरकारी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।

 

जांच के लिए एसआईटी गठित, एडीजी करेंगे मॉनिटरिंग

 

हाई कोर्ट ने न सिर्फ एफआईआर के आदेश दिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि इस मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो। कोर्ट ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का निर्देश दिया है। इस एसआईटी का नेतृत्व और मॉनिटरिंग एडीजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जांच में कोई भी प्रभाव न पड़े और सभी दोषियों का पता लगाया जा सके।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कोहेफिजा पुलिस ने विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब विवेचना शुरू की जाएगी, जिसके बाद मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों को भी आरोपी बनाया जाएगा। यह मामला शहर में राजनीतिक हलचल मचा सकता है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।