सतना। जिले में खाद अन्नदाताओं को रुला रही है। उर्वरक  की पर्याप्त उपलब्धता के सरकारी दावों के बीच मंगलवार को दोपहर यहां शहर में अन्नदाताओं का सब्र टूट गया है और उन्होंने सतना-पन्ना रोड पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक चले इस चकाजाम के कारण दोनों तरफ वाहनों का रेला लग गया। स्थिति यह बनी कि जो जहां खड़ा था कुछ देर के लिए वहीं रह गया। इस दौरान सैकड़ों यात्रियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 
दरअसल किसानों द्वारा जाम लगाए जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी मैहर-अमरपाटन, सतना-नागौद, मैहर-कटनी मार्ग में खाद को लेकर किसान चकाजाम कर चुके हैं। रही बात शहर की तो गांवों से लगी आग की आंच मंगलवार को जिला मुख्यालय आ पहुंची। यहां संभागीय कृषि अभियांत्रिकी कार्यशाला के दफ्तर में खाद वितरण किए जाने की व्यवस्था बनाई गई थी जो अव्यवस्था के चलते सड़क पर आ गई। दोपहर करीब पौने 3 बजे अनेक किसान दफ्तर छोड़ सड़क पर आ बैठे।
ऐसे बिगड़े हालात
सोमवार को ही संभागीय कृषि अभियांत्रिकी कार्यालय को नया खाद वितरण केन्द्र बनाया गया था, जिसमें सुबह 7 बजे से 11 बजे तक टोकन दिए जाने थे, लेकिन जानकारी के अभाव में जिसको जहां जैसे इस केन्द्र की जानकारी मिली तो वे खाद लेने पहुंच गए। निर्धारित समय पूर्ण हो जाने के उपरांत टोकन वितरण बंद कर दिया गया। जिससे किसान और भी ज्यादा भड़क उठे।
दो को उठाए तो आ जाते थे चार
कोठी मोड़ तिराहे पर तैनात पुलिस कर्मचारी जाम की स्थिति को देखते ही मौके पर पहुंचे और उन्होंने नाराज किसानों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच पुलिस कर्मियों ने सड़क पर बैठे किसानों को सड़क से उठाने की कोशिश भी की लेकिन स्थिति यह बनी कि दो किसान को सड़क से किनारे किया जाता था तो चार किसान रास्ते में बैठ जाते थे। 
एसडीएम से कहा- पहले खाद दो
चकाजाम बढ़ता ही जा रहा था। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। सूचना मिलते ही एसडीएम राहुल सिलाडिय़ा मौके पर पहुंचे और उन्होंने आक्रोशित किसानों को समझाने का प्रयास किया। जिसके जवाब में किसानों ने कहा कि साहब पहले खाद दो...।  काफी देर की समझाइश के बाद आश्वासन मिलते ही किसान पीछे हटे।