गाड़ियों की टक्कर बनी वजह, घंटों स्कूल गेट के बाहर चलता रहा तमाशा, प्रबंधन की चुप्पी पर उठे सवाल

जबलपुर। शास्त्री नगर अवनी बिहार कॉलोनी स्थित विजडम वैली स्कूल में बुधवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल स्टाफ और बस चालकों के बीच जमकर बहस हो गई। मामला इतना बिगड़ा कि नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। स्कूल गेट के बाहर घंटों तक हंगामा और तमाशा होता रहा, अभिभावक और राहगीर भी जुट गए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई भी जिम्मेदार बाहर आकर स्थिति को संभालने नहीं पहुंचा।

बाहरी युवक की गाड़ी ने स्कूल बस को मारी टक्कर

घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब एक बाहरी युवक की गाड़ी ने स्कूल के वाहन को टक्कर मार दी। इस घटना से नाराज बस चालकों ने स्कूल प्रबंधन को इसकी शिकायत की। आरोप है कि जब प्रबंधन से जुड़े एक अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बस चालकों से अभद्र भाषा में बात की। इससे गुस्साए चालकों ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी खुलेआम जाहिर कर दी।

"बाहरी लड़कों की वजह से बच्चियां सुरक्षित नहीं"

बस चालकों ने आरोप लगाया कि रोजाना स्कूल गेट के बाहर बाहरी लड़के घंटों खड़े रहते हैं, सिगरेट पीते हैं और अभद्र हरकतें करते हैं। इससे छात्राओं की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। चालकों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

प्रबंधन की चुप्पी से बढ़ी नाराजगी

हंगामे के दौरान कई अभिभावक मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी सवाल उठाए कि आखिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल लापरवाही क्यों बरत रहा है। अभिभावकों ने कहा कि सुबह के समय जब बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे थे, तब इस तरह का विवाद होना बेहद चिंताजनक है।

पुलिस हस्तक्षेप की मांग

आसपास मौजूद लोगों और बस चालकों ने मांग की कि पुलिस को मामले में दखल देना चाहिए ताकि स्कूल के बाहर खड़े होने वाले बाहरी तत्वों पर रोक लग सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है।

अभिभावकों में गहरी चिंता

अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को सुरक्षा और अनुशासन की गारंटी के लिए निजी स्कूलों में पढ़ने भेजते हैं। ऐसे में यदि स्कूल प्रबंधन ही सुरक्षा को लेकर उदासीन रहेगा तो यह गंभीर मामला है। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वे सामूहिक रूप से जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से इसकी शिकायत करेंगे।