स्वास्थ्यकर्मी का स्तनपान करते हुए वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप, पति से मारपीट और गालियाँ भी दीं

जबलपुर/सागर। मध्यप्रदेश के सागर ज़िले में मीडिया जगत की साख पर सवाल खड़े करने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने तीन बड़े चैनलों से जुड़े रिपोर्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि ये पत्रकार उसके घर घुस आए, बच्चे को स्तनपान कराते समय वीडियो बनाया और बाद में पैसे की मांग कर ब्लैकमेल करने लगे।

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पीड़िता की शिकायत में सनसनीखेज आरोप

ग्राम सोमला थाना मोतीनगर निवासी **कविता पति देवसिंह राजपूत (35 वर्ष)** ने थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि **15 अगस्त 2025** की दोपहर वह अपने घर में बच्चे को स्तनपान करा रही थी। तभी अचानक आकाश अहिरवार नामक युवक मोबाइल लेकर वीडियो बनाने लगा। जब उसने विरोध किया तो भी वीडियो बनाना जारी रखा। इसके पीछे से शिवम तिवारी, हनी दुबे और पीयूष साहू भी घर में घुस आए।महिला के अनुसार चारों खुद को पत्रकार बता रहे थे और पहले भी उसके पति के संपर्क में आते-जाते रहते थे।

पति से झूमा-झटकी और धमकी

घटना के दौरान महिला का पति देवसिंह राजपूत घर के बाहर काम कर रहा था। शोर सुनकर जब वह अंदर आया और वीडियो डिलीट करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उससे मारपीट की और गालियाँ दीं। इसी दौरान आकाश अहिरवार का मोबाइल वहीं गिर गया।महिला ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके पति पर दबाव बनाया कि **यदि उन्हें 10,000 रुपये नहीं दिए गए तो उसका निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।** साथ ही पति को “फर्जी डॉक्टर” बताते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

चश्मदीद गवाह भी मौजूद

घटना के समय गांव के  विजय कुर्मी और काशीराम आदिवासी भी वहां मौजूद थे। उन्होंने पूरी वारदात को होते देखा और सुना। पीड़िता ने बताया कि डर के कारण वह तुरंत पुलिस के पास नहीं पहुंची, लेकिन 19 अगस्त को पति के साथ जाकर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आकाश अहिरवार, शिवम तिवारी, हनी दुबे और पीयूष साहू के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की जांच में जुट गई है।

घटना से पत्रकारिता की साख पर सवाल

यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों और आम लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि पत्रकारिता जैसी जिम्मेदार पेशे को कलंकित करने वाले ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि **“मामला गंभीर है, जांच पूरी पारदर्शिता से की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।