भोपाल/इटारसी।
धर्म और जाति से ऊपर उठकर इंसानियत की अनूठी मिसाल सामने आई है। नर्मदापुरम जिले के इटारसी निवासी **आरिफ खान चिश्ती** ने संत **प्रेमानंद महाराज** को अपनी किडनी दान करने की इच्छा जताई है। यह कदम समाज में भाईचारे और सद्भाव का सशक्त संदेश दे रहा है।

क्या है मामला?

हाल ही में यह खबर सामने आई कि संत प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। यह जानकारी सोशल मीडिया और अखबारों में व्यापक रूप से फैली। इस समाचार से प्रभावित होकर इटारसी की **न्यास कॉलोनी निवासी आरिफ खान चिश्ती** ने महाराज को पत्र लिखकर स्वेच्छा से अपनी किडनी दान करने का प्रस्ताव दिया।

 आरिफ खान का पत्र

अपने पत्र में आरिफ ने लिखा –
*“आपके आचरण और व्यवहार को देखकर मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ। आपके स्वास्थ्य को लेकर मैं चिंतित हूँ। आप हिंदुस्तान में हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं। आज के नफरती माहौल में आप जैसे संतों का रहना अति आवश्यक है।"*

उन्होंने आगे लिखा कि वे प्रेमानंद महाराज की राष्ट्रभक्ति और सनातनी कार्यों से प्रभावित हैं। उन्होंने विनम्र निवेदन किया कि उनकी इस “छोटी सी तुच्छ भेंट” को स्वीकार कर लिया जाए।

 संदेश पूरे समाज के लिए

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि **धर्म से ऊपर इंसानियत होती है।** आरिफ का यह कदम न केवल सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।

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