जबलपुर। अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नगर निगम की मुहिम जारी है। इसी क्रम में, निगमायुक्त प्रीति यादव के निर्देश पर 8 अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई है। इन कॉलोनाइजरों पर बिना अनुमति और नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी विकसित करने का आरोप है।


 

क्या है पूरा मामला?

 

नगर निगम के अपर आयुक्त वी.एन. बाजपेयी और कॉलोनी सेल के प्रभारी सुनील दुबे ने बताया कि इन 8 कॉलोनाइजरों ने मध्य प्रदेश नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम 2021 का उल्लंघन किया है। इन कॉलोनियों के लिए न तो नगर तथा ग्राम निवेश से लेआउट पास कराया गया और न ही कॉलोनी विकास की अनुमति ली गई।


 

इन कॉलोनियों और कॉलोनाइजरों के खिलाफ हुई कार्रवाई:

 

  • पारस रेसीडेंसी (गुरैया): पार्टनर पारस कुशवाहा।

  • राधा कृष्ण एसोसिएट्स (अमखेरा): पार्टनर राकेश कुमार अहिरवार, शुभम यादव, अब्दुल इमरान और बबलू गुप्ता।

  • मोहम्मद हामिद हसन (कुदवारी): बिना अनुमति कॉलोनी विकसित की।

  • शुभ डेवलपर्स होम्स (रिमझा): देवेन्द्र कुमार सोनी, मानव देवेन्द्र सोनी और विकास सोनी।

  • गुरैया क्षेत्र: मोहम्मद अकरम, मोहम्मद कलाम और निशांत ठाकुर।

  • महाराजपुर: संजय कुमार, हेमंत कुमार और सरोज श्याम गुड्डी।

  • पिपरिया: अशोक यादव और रमेश खत्री।

  • गुरदा: मोहम्मद शाहिद, राजेश कुमार सिंगौर और निशांत साहू।


नगर निगम ने इन सभी कॉलोनाइजरों को नोटिस भी जारी किए थे, लेकिन उन्होंने न तो कोई जवाब दिया और न ही कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद, नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 'ग' के तहत इन सभी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को पत्र भेजा गया है। यह कार्रवाई अवैध कॉलोनाइजेशन को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।