जबलपुर। जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)  घनश्याम सोनी ने जिले भर के सभी सरकारी छात्रावासों की व्यवस्था जांचने के लिए एक बड़ी मुहिम चलाई। एक ही दिन में, उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ सभी छात्रावासों का औचक निरीक्षण कराया, जिसमें छात्रों के स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इस निरीक्षण के दौरान, कई छात्रावासों में खामियां मिलीं, जिस पर DEO ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।


 

बीमार छात्रों को तत्काल इलाज के आदेश

 

निरीक्षण दल में शामिल DEO  घनश्याम सोनी, डीपीसी  योगेश शर्मा, विधि प्रभारी कृष्णकांत शर्मा और बीआरसी सुरेंद्र जैन ने कुण्डम क्षेत्र के छात्रावासों का दौरा किया। यहां कुबरहट बालिका छात्रावास में 8 छात्राएं और ददरगवा बालक छात्रावास में 10 छात्र अस्वस्थ पाए गए। DEO श्री सोनी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल स्वास्थ्य विभाग, कुण्डम से संपर्क किया और सभी बीमार बच्चों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्री सोनी ने सभी छात्रावास अधीक्षकों और वार्डनों को सख्त हिदायत दी कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, "अगर कोई भी बच्चा थोड़ा भी बीमार हो तो उसका तुरंत और बेहतर इलाज होना चाहिए। यह हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।"


 

सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जांच

इस बड़े निरीक्षण अभियान में एडीपीसी श्री संजय मेहरा को शहपुरा और मॉडल स्कूल के छात्रावासों की जिम्मेदारी दी गई, जबकि एपीसी सुश्री छाया राज ने सिहोरा और मझौली के छात्रावासों का जायजा लिया।DEO ने सभी छात्रावासों में साफ-सफाई, बच्चों के खान-पान की गुणवत्ता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी छात्रावास में कोई समस्या है, तो स्टाफ बिना किसी देरी के सीधे उनसे संपर्क कर सकता है।


 

इन छात्रावासों में पाई गई संतोषजनक व्यवस्था

 

जहां कुछ छात्रावासों में कमियां मिलीं, वहीं कई छात्रावास सुचारू रूप से संचालित पाए गए। कुण्डम में स्थित 150 सीटर बालिका छात्रावास, कस्तूरबा बालिका छात्रावास, मॉडल बालक छात्रावास और मॉडल बालिका छात्रावास का निरीक्षण करने पर पाया गया कि सभी जगह साफ-सफाई अच्छी थी और कोई भी बच्चा बीमार नहीं था।इसी तरह, एडीपीसी संजय मेहरा और एपीसी सुश्री छाया राज ने जिन छात्रावासों का निरीक्षण किया, वे भी व्यवस्थित पाए गए। यह व्यापक निरीक्षण दर्शाता है कि शिक्षा विभाग छात्रों की बेहतरी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।