जिस पाकिस्तान ने 1971 में किया कत्लेआम.....उसे ही वीजा-मुक्त यात्रा की सेवा दे रही यूनुस सरकार
ढाका। पाकिस्तान ने 1971 में बांग्लादेश में ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान भयानक नरसंहार किया था, अब उसी कल्तेआम करने वाले पाकिस्तान को बांग्लादेश सरकार ने वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। यह कदम पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार की प्रस्तावित बांग्लादेश यात्रा से पहले लिया गया है, और इस दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का फैसला किया है। इस समझौते के तहत, दोनों देशों के सरकारी अधिकारी और राजनयिक पाँच साल तक बिना वीजा के एक-दूसरे के देश में यात्रा कर सकते है। पाकिस्तान सरकार ने पहले ही इस समझौते को मंजूरी दे दी है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने इस एक नियमित मामला बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के 30 से अधिक देशों के साथ इसी तरह के समझौते हैं।
उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर होने के बाद यह समझौता पांच साल की अवधि के लिए होगा। यह पूछने पर कि क्या यह अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान के साथ बढ़ती मित्रता का एक और संकेत है? आलम ने हालांकि इस समझौते को एक नियमित मामला बातकर कहा कि बांग्लादेश के 30 देशों के साथ इसी तरह के समझौते हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने याह्या खान की अगुवाई में मार्च 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) में ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू किया था। जिसमें पाकिस्तानी सेना सभी विद्रोहियों को चुन-चुनकर मारने लगी और कुछ ही समय में वहां की जमीन खून से लाल हो गई। फिर भारतीय सेना, मुक्ति वाहिनी (प्रतिरोध सेनानी) और मित्रो वाहिनी कमान के तहत संयुक्त सैन्य अभियान में बांग्लादेश लिबरेशन वॉर शुरू किया गया, जिसका अंत पाकिस्तान के आत्मसमर्पण और बांग्लादेश की स्वतंत्रता के रूप में हुआ।
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