जबलपुर।  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी बोर्ड के अंचलिक कार्यालयों में की गई पदस्थापनाओं को अवैधानिक करार देते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम (IAS) द्वारा जारी आदेशों को निरस्त कर दिया है।

 मामला क्या है?
1 अगस्त 2025** को अंचलिक कार्यालय जबलपुर में रोहिणी प्रसाद चक्रवर्ती की पदस्थापना की गई।
* मात्र **3 दिन बाद** ही आदेश बदलते हुए शाहिद खान, संयुक्त कलेक्टर मंडला को जबलपुर भेज दिया गया।
* इसी तरह ग्वालियर अंचलिक कार्यालय में भी नियम विरुद्ध पदस्थापनाएं की गईं।
* इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए **याचिका क्रमांक 31666/25** हाईकोर्ट में दायर की गई।

 हाईकोर्ट का आदेश
प्रबंध संचालक की कार्यवाही को कोर्ट ने **नियम विरुद्ध** करार दिया।
 जारी पदस्थापना आदेश को **निरस्त** किया गया।
कोर्ट ने साफ किया कि इस तरह की पदस्थापनाएं केवल नियम और प्रक्रिया का पालन करते हुए ही की जा सकती हैं।

असर और सवाल

* हाईकोर्ट के फैसले से **मंडी बोर्ड की कार्यप्रणाली** पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
* प्रभावित अधिकारियों को मिली **बड़ी राहत**।
* माना जा रहा है कि इस फैसले का असर भविष्य की पदस्थापनाओं पर भी पड़ेगा।
* प्रबंध संचालक की **कार्यशैली कठघरे में**।