यात्री की सुरक्षा नहीं केवल मुनाफा कमाने में समिति का ध्यान !


मैहर मां शारदा प्रबंधक समिति इन दिनों मुनाफा कमाने के लिए मन मर्जी काम कर रही है दर्शनार्थीयो को जो सेवा मुफ्त मिलनी चाहिए वो सारी सुविधाओं को ठेका में दे दिया गया । मां शारदा प्रबंध समिति द्वारा संचालित जितने भी सुलभ शौचालय बने हैं वह दर्शनार्थियों के लिए निशुल्क नहीं है बल्कि ठेके पर चलते हैं देखा जाए तो ठेकेदार वहां पर ठेका लेकर के प्रसाद तक की दुकान खोल करके बैठ चुके हैं ऐसे में मैहर आने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क शौचालय की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है वही एक और देखा जाए तो शारदा प्रबंधन समिति का एक ऐसा फरमान सामने आया है जिसमें लगभग दो दशक पहले प्रतिबंध लगा दिया गया था तात्कालिक अधिकारी गौतम सिंह मैहर में एसडीएम के कार्यकाल के समय मंदिर पहाड़ियों पर संचालित चाय नाश्ता कैंटीन में आगजनी और भगदड़ की स्थिति निर्मित होने पर कैंटीन संचालक पर पूर्णत रोक लगा दी गई लगभग दो दशक के बाद एक बार पुनः समिति के द्वारा मुनाफा की दृष्टि से उन सभी घटनाक्रम एवं प्रतिबंध आदेश को दरकिनार करते हुए पुनः मंदिर के सकरी पहाड़ी रास्ते एवं सीढ़ियों पर कैंटीन खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है देखा जाए तो कैंटीन का टेंडर प्रक्रिया होने के साथ ही सैकड़ो लोग उस कैंटीन को लेने के लिए आगे आगये अत्यधिक रेट और मुनाफा कमाने के चक्कर में ठेकेदार मंदिर पहाड़ियों पर हर तरह की दुकान एवं सामग्री बेचने का काम शुरू कर देता है जिस पर मां शारदा देवी मंदिर के सकरी पहाड़ी रास्ते और सीढ़ियों पर लाखों श्रद्धालु रहते हैं और ऐसी स्थिति में आवागमन के रास्ते अवरोध हो जाते हैं और इसी स्थिति में कोई घटना अनहोनी घटना हो सकती है जिसको देखते हुए गौतम सिंह ने मंदिर पहाड़ी क्षेत्र से पूर्व में कैंटीन संचालक को बंद कर दिया था जिससे दर्शनार्थियों की सुरक्षा और जान की रक्षा की जा सके लेकिन अब उन्हें शारदा प्रबंध समिति जो की मंदिर पहाड़ी क्षेत्र में पॉलिथीन ले जाना प्रतिबंधित है उसके बावजूद मंदिर पहाड़ियों के ऊपर पानी के पाउच बोतल एवं बिस्किट चिप्स इत्यादि सामग्री बेचने की अनुमति के साथ ठेका करने जा रही है। 
जिन मंदिरों के प्रथम और द्वितीय तलों पर दर्शनार्थियों के लिए बैठने और खड़े होने तक की सुरक्षित जगह नहीं है ऐसे स्थान पर अगर कैंटीन का संचालन करेंगे तो पब्लिक का रुकना तय है और जब पब्लिक रुकेगी तो भीड़ पर नियंत्रण भी खत्म हो जाएगा जिससे कोई भी अनहोनी घटना घट सकती है देखा जाए तो समिति प्रशासक का यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ है। इस संदर्भ में समिति के पुराने सभी कर्मचारियों को जानकारी भी है लेकिन उसके बावजूद मैहर में आए सभीमंदिर समिति के प्रशासक एसडीएम एवं कलेक्टर नए होने के साथ उन्हें इन जानकारी से भी दूर रखा गया है।