भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने न्याय व्यवस्था और पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए दो बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पुलिस अधिकारियों को जांच के लिए टैबलेट देने और अदालतों में लोक अभियोजन अधिकारियों की तैनाती को मंजूरी दी गई है। यह कदम राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक आधुनिक तथा प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।


 

पुलिस जांच में तकनीक का समावेश: टैबलेट से मिलेगी मदद

 

अब पुलिस थानों में जांच अधिकारी पुराने तरीकों की जगह तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। कैबिनेट ने चरणबद्ध तरीके से पुलिस अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 1,732 जांच अधिकारियों को ये टैबलेट दिए जाएंगे। कुल मिलाकर, लगभग 25,000 टैबलेट खरीदे जाएंगे, ताकि हर जांच अधिकारी को यह सुविधा मिल सके।

इस पहल का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और अधिक सटीक बनाना है। इन टैबलेट्स की मदद से अधिकारी मौके पर ही सबूतों की डिजिटल रिकॉर्डिंग कर पाएंगे, बयान दर्ज कर सकेंगे और केस से जुड़ी जानकारी तुरंत अपलोड कर सकेंगे। इससे कागजी कार्यवाही कम होगी और जांच में लगने वाला समय भी बचेगा।


 

न्याय प्रणाली होगी मजबूत: हर कोर्ट में होंगे लोक अभियोजन अधिकारी

 

कैबिनेट ने न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य की हर कोर्ट में एक लोक अभियोजन अधिकारी (Public Prosecutor) तैनात किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए कुल 610 नए पदों को मंजूरी दी गई है।

इस फैसले से अदालतों में लंबित मामलों को निपटाने में तेजी आएगी और न्याय प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी। लोक अभियोजन अधिकारी सरकारी मामलों की पैरवी करते हैं और उनकी मौजूदगी से केस की कार्यवाही में किसी तरह की देरी नहीं होगी। यह कदम आम जनता के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।