बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ हुंडई मोटर्स इंडिया की एक कार में कथित मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट (उत्पादन संबंधी खराबी) की जानकारी छुपाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह FIR एक उपभोक्ता की शिकायत पर भरतपुर की एसीजेएम कोर्ट संख्या 2 के आदेश के बाद हुई है।


 

क्या है पूरा मामला?

 

भरतपुर के पदमविला निवासी कीर्ति सिंह ने कोर्ट में एक इस्तगासा (शिकायत) दायर करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने हुंडई कंपनी की एक कार खरीदी थी, जिसमें उत्पादन संबंधी गंभीर खामी थी। उनका आरोप है कि कंपनी ने उन्हें इस डिफेक्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह आरोप सीधे तौर पर उपभोक्ता को धोखा देने से जुड़ा है।

इस मामले में सिर्फ कंपनी के अधिकारी ही नहीं, बल्कि कार के ब्रांड एंबेसडर रहे अभिनेता शाहरुख खान और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि ब्रांड एंबेसडर के रूप में इन कलाकारों की जिम्मेदारी बनती है कि वे जिस उत्पाद का प्रचार कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करें।


 

ब्रांड एंबेसडर भी आए कानूनी दायरे में

 

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी उत्पाद में खामी के लिए उसके ब्रांड एंबेसडर को भी सीधे तौर पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर ऐसे मामलों में सिर्फ कंपनी या उसके डीलर्स के खिलाफ ही शिकायत दर्ज होती है। लेकिन, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के नए प्रावधानों के तहत अब ब्रांड एंबेसडर को भी उत्पाद के विज्ञापन में किए गए दावों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। इस मामले की सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि क्या ब्रांड एंबेसडर की भी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी बनती है कि वह जिस ब्रांड को एंडोर्स कर रहे हैं, उसकी खामियों के बारे में उपभोक्ता को आगाह करें। यह फैसला भविष्य में अन्य ब्रांडों और उनके एंबेसडरों के लिए एक नजीर बन सकता है।